भूमि पूजन मुहूर्त 2026: नवंबर और दिसंबर की तारीख़ें
1 नवंबर से 31 दिसंबर 2026 तक नई दिल्ली के लिए भूमि पूजन मुहूर्त के 12 दिन हैं। यह प्रचलित मत है: भूमि पूजन के लिए ग्रंथों के मुख्य नियम। ग्रंथों के कड़े मत में एक भी दिन नहीं है। कोई भी मत लग्न नहीं देखता। कड़ा मत इनमें से 12 दिन छोड़ता है: सिंहस्थ गुरु से 12, श्रीपति के मासों से 9, पंचक से 3 और संक्रांति के नियम से 1 (एक दिन दो नियमों में भी आ सकता है)। व्यक्तिगत मुहूर्त आपके प्लॉट का मुख और आपके परिवार की परंपरा भी देखता है।
प्रचलित मत
12 दिन (11 नवंबर – 16 दिसंबर)
कड़ा मत
कोई नहीं — अगला: 8 मई 2027
महीनेवार
नवंबर (6) और दिसंबर (6)
मास
मार्गशीर्ष, फाल्गुन, वैशाख, माघ, श्रावण या कार्तिक; सूर्य मिथुन, कन्या, धनु या मीन में नहीं
समय
IST, सूर्योदय से सूर्यास्त
नई दिल्ली (28.61° उ., 77.21° पू.) के लिए IST में, Swiss Ephemeris और लाहिड़ी अयनांश से गणना — किसी व्यक्ति विशेष के लिए नहीं। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होता है। कोई भी मत लग्न नहीं देखता; यह सूची दूसरी सूचियों से कैसे मिलती है, यह नीचे है।
नवंबर-दिसंबर 2026 की सभी 12 तारीख़ें एक नज़र में
प्रचलित मत की तारीख़ें महीनेवार, और कड़ा मत उनमें से क्या रखता है। हर तारीख़ का समय नीचे के कार्डों में है।
नवंबर: 11, 20, 21, 25, 26 और 28 (6 दिन); कड़ा मत इनमें से कोई नहीं रखता
दिसंबर: 3, 4, 5, 12, 14 और 16 (6 दिन); कड़ा मत इनमें से कोई नहीं रखता
प्रचलित मत इस अवधि में 10 दिनों को "बहुत अच्छा" मानता है — साथ में सबसे अच्छे समय का नक्षत्र: बुधवार 11 नवंबर (अनुराधा); शुक्रवार 20 नवंबर (उत्तराभाद्रपदा); शनिवार 21 नवंबर (रेवती); बुधवार 25 नवंबर (रोहिणी); गुरुवार 26 नवंबर (मृगशिरा); गुरुवार 3 दिसंबर (उत्तराफाल्गुनी); शुक्रवार 4 दिसंबर (चित्रा); शनिवार 12 दिसंबर (उत्तराषाढ़ा); सोमवार 14 दिसंबर (धनिष्ठा); बुधवार 16 दिसंबर (शतभिषा)। आपके अपने नक्षत्र इनमें से किसी दिन को कमज़ोर बना सकते हैं (नीचे देखें)।
शनिवार को: 21 और 28 नवंबर; 5 और 12 दिसंबर — कुल 12 दिनों में से 4।
वार के अनुसार: सोमवार को 1, बुधवार को 3, गुरुवार को 2, शुक्रवार को 2 और शनिवार को 4; पक्ष के अनुसार, शुक्ल पक्ष में 6 और कृष्ण पक्ष में 6 (पहले समय की तिथि से)।
हर तारीख़, उसका वार और पहले समय का नक्षत्र व तिथि: बुधवार 11 नवंबर (अनुराधा, शुक्ल द्वितीया); शुक्रवार 20 नवंबर (उत्तराभाद्रपदा, शुक्ल एकादशी); शनिवार 21 नवंबर (रेवती, शुक्ल द्वादशी); बुधवार 25 नवंबर (रोहिणी, कृष्ण द्वितीया); गुरुवार 26 नवंबर (मृगशिरा, कृष्ण द्वितीया); शनिवार 28 नवंबर (पुष्य, कृष्ण पंचमी); गुरुवार 3 दिसंबर (उत्तराफाल्गुनी, कृष्ण दशमी); शुक्रवार 4 दिसंबर (चित्रा, कृष्ण एकादशी); शनिवार 5 दिसंबर (चित्रा, कृष्ण द्वादशी); शनिवार 12 दिसंबर (उत्तराषाढ़ा, शुक्ल तृतीया); सोमवार 14 दिसंबर (धनिष्ठा, शुक्ल पंचमी); बुधवार 16 दिसंबर (शतभिषा, शुक्ल सप्तमी)।
दो मत, दो सूचियाँ
ग्रंथ भूमि पूजन के लिए मुख्य नियम और कुछ और सावधानियाँ भी देते हैं, इसलिए यह पेज दो सूचियाँ देता है। प्रचलित मत: भूमि पूजन के लिए ग्रंथों के मुख्य नियम। कड़ा मत उन्हीं समयों से शुरू होकर ये भी लगाता है: सिंहस्थ गुरु और मकर गुरु (क्षेत्र के अनुसार), शुक्र या गुरु के अस्त होने से पहले और उदय के बाद के 7-7 दिन, केवल श्रीपति के सूर्य-राशि और मास वाले जोड़े, पंचक नहीं और हर संक्रांति के दोनों ओर 16 घटी (6 घंटे 24 मिनट)। कड़े मत का हर समय प्रचलित मत के किसी समय के भीतर होता है, इसलिए कड़ी सूची उसी सूची का छोटा रूप है, कोई अलग सूची नहीं।
सबसे बड़ा फ़र्क़ सिंहस्थ गुरु का है, यानी गुरु का सिंह राशि में होना: मुहूर्त चिंतामणि भूमि पूजन (नींव) को उन कामों में गिनता है जो इसमें नहीं किए जाते, और कई पंचांग यह नियम नहीं लगाते। गुरु 31 अक्टूबर 2026, 12:02 से 25 जनवरी 2027, 01:31 तक (IST) मघा या पूर्वाफाल्गुनी के पहले चरण में है — ग्रंथ इसे हर क्षेत्र में वर्जित मानते हैं। सिंहस्थ गुरु की गाइड यह नियम और इसके क्षेत्र समझाती है, और खरमास 2026–27 सूर्य के धनु और मीन वाले दो महीनों के बारे में बताता है।
कौन-सी सूची मानें, यह परिवार का फ़ैसला है। आपका परिवार ग्रंथों को कड़ाई से मानता है तो कड़ा मत देखें; उनके मुख्य नियम मानता है तो प्रचलित मत। मुहूर्त की तारीख़ें अलग क्यों होती हैं में दो पंचांगों के अलग होने के बाक़ी कारण हैं।
यह साइट अपने प्रचलित मत को जिस पंचांग से मिलाती है, वह भूमि पूजन की कोई सालाना सूची नहीं देता; इसलिए दोनों मत सीधे मुहूर्त चिंतामणि के वास्तु प्रकरण और उसमें उद्धृत आचार्यों के नियम लगाते हैं।
भूमि पूजन की तारीख़ें नवंबर-दिसंबर 2026: महीनेवार
हर तारीख़ के साथ नई दिल्ली के लिए मुहूर्त का समय (IST), उस समय के नक्षत्र और तिथि, और एक श्रेणी दी है। जिस दिन कड़ा मत समय छोटा करता है या दिन बंद करता है, उस कार्ड पर यह लिखा है; जहाँ कुछ नहीं लिखा, वहाँ दोनों मत एक हैं। एक बार में एक सूची देखने के लिए मत चुनें।
सूची का हर दिन नियमों के अनुसार शुद्ध है। "बहुत अच्छा", "अच्छा" और "सामान्य" शास्त्रीय बातों (जैसे नक्षत्र, वार, शुक्ल पक्ष) से बना मोटा क्रम है — कोई संभावना या गारंटी नहीं।
नवंबर 2026 6 दिन
कड़ा मत: इस महीने कोई मुहूर्त नहीं — प्रचलित मत के 6 दिन इसके नियमों से बंद हैं: सिंहस्थ गुरु (6 दिन), निर्माण के लिए अनुपयुक्त महीना (6 दिन), पंचक (2 दिन)।
बुधवार, 11 नवंबर
बहुत अच्छा
06:41–08:01
09:23–10:43
नक्षत्र: अनुराधा तिथि: शुक्ल द्वितीया
कड़ा मत: कोई मुहूर्त नहीं
सिंहस्थ गुरु — गुरु मघा नक्षत्र में (हर क्षेत्र में वर्जित) मुहूर्त चिंतामणि, शुभाशुभ प्रकरण, और धर्मसिंधु
कार्तिक में सूर्य तुला में — भवन आरंभ के लिए श्रीपति के बताए मास-राशि जोड़ों में नहीं श्रीपति (मुहूर्त चिंतामणि के वास्तु प्रकरण में उद्धृत)
शुक्रवार, 20 नवंबर
बहुत अच्छा
10:17–10:46
12:07–14:46
16:07–17:25
नक्षत्र: उत्तराभाद्रपदा तिथि: शुक्ल एकादशी
कड़ा मत: कोई मुहूर्त नहीं
पंचक (चंद्रमा धनिष्ठा के उत्तरार्ध से रेवती तक) — भूमि पूजन के लिए वर्जित मुहूर्त चिंतामणि, वास्तु प्रकरण (हिंदी टीका)
सिंहस्थ गुरु — गुरु मघा नक्षत्र में (हर क्षेत्र में वर्जित) मुहूर्त चिंतामणि, शुभाशुभ प्रकरण, और धर्मसिंधु
कार्तिक में सूर्य वृश्चिक में — भवन आरंभ के लिए श्रीपति के बताए मास-राशि जोड़ों में नहीं श्रीपति (मुहूर्त चिंतामणि के वास्तु प्रकरण में उद्धृत)
शनिवार, 21 नवंबर
बहुत अच्छा
08:08–09:27
10:48–13:26
14:47–17:25
नक्षत्र: रेवती तिथि: शुक्ल द्वादशी
कड़ा मत: कोई मुहूर्त नहीं
पंचक (चंद्रमा धनिष्ठा के उत्तरार्ध से रेवती तक) — भूमि पूजन के लिए वर्जित मुहूर्त चिंतामणि, वास्तु प्रकरण (हिंदी टीका)
सिंहस्थ गुरु — गुरु मघा नक्षत्र में (हर क्षेत्र में वर्जित) मुहूर्त चिंतामणि, शुभाशुभ प्रकरण, और धर्मसिंधु
कार्तिक में सूर्य वृश्चिक में — भवन आरंभ के लिए श्रीपति के बताए मास-राशि जोड़ों में नहीं श्रीपति (मुहूर्त चिंतामणि के वास्तु प्रकरण में उद्धृत)
बुधवार, 25 नवंबर
बहुत अच्छा
16:51–17:24
नक्षत्र: रोहिणी तिथि: कृष्ण द्वितीया
कड़ा मत: कोई मुहूर्त नहीं
सिंहस्थ गुरु — गुरु मघा नक्षत्र में (हर क्षेत्र में वर्जित) मुहूर्त चिंतामणि, शुभाशुभ प्रकरण, और धर्मसिंधु
कार्तिक में सूर्य वृश्चिक में — भवन आरंभ के लिए श्रीपति के बताए मास-राशि जोड़ों में नहीं श्रीपति (मुहूर्त चिंतामणि के वास्तु प्रकरण में उद्धृत)
गुरुवार, 26 नवंबर
बहुत अच्छा
08:12–09:30
10:50–13:27
14:47–17:24
नक्षत्र: मृगशिरा तिथि: कृष्ण द्वितीया, कृष्ण तृतीया
कड़ा मत: कोई मुहूर्त नहीं
सिंहस्थ गुरु — गुरु मघा नक्षत्र में (हर क्षेत्र में वर्जित) मुहूर्त चिंतामणि, शुभाशुभ प्रकरण, और धर्मसिंधु
कार्तिक में सूर्य वृश्चिक में — भवन आरंभ के लिए श्रीपति के बताए मास-राशि जोड़ों में नहीं श्रीपति (मुहूर्त चिंतामणि के वास्तु प्रकरण में उद्धृत)
शनिवार, 28 नवंबर
अच्छा
12:51–13:27
14:47–17:24
नक्षत्र: पुष्य तिथि: कृष्ण पंचमी
कड़ा मत: कोई मुहूर्त नहीं
सिंहस्थ गुरु — गुरु मघा नक्षत्र में (हर क्षेत्र में वर्जित) मुहूर्त चिंतामणि, शुभाशुभ प्रकरण, और धर्मसिंधु
कार्तिक में सूर्य वृश्चिक में — भवन आरंभ के लिए श्रीपति के बताए मास-राशि जोड़ों में नहीं श्रीपति (मुहूर्त चिंतामणि के वास्तु प्रकरण में उद्धृत)
दिसंबर 2026 6 दिन
कड़ा मत: इस महीने कोई मुहूर्त नहीं — प्रचलित मत के 6 दिन इसके नियमों से बंद हैं: सिंहस्थ गुरु (6 दिन), निर्माण के लिए अनुपयुक्त महीना (3 दिन), संक्रांति के घंटे (1 दिन)।
गुरुवार, 3 दिसंबर
बहुत अच्छा
08:16–09:23
नक्षत्र: उत्तराफाल्गुनी तिथि: कृष्ण दशमी
कड़ा मत: कोई मुहूर्त नहीं
सिंहस्थ गुरु — गुरु मघा नक्षत्र में (हर क्षेत्र में वर्जित) मुहूर्त चिंतामणि, शुभाशुभ प्रकरण, और धर्मसिंधु
कार्तिक में सूर्य वृश्चिक में — भवन आरंभ के लिए श्रीपति के बताए मास-राशि जोड़ों में नहीं श्रीपति (मुहूर्त चिंतामणि के वास्तु प्रकरण में उद्धृत)
शुक्रवार, 4 दिसंबर
बहुत अच्छा
10:24–10:52
12:12–14:47
16:06–17:24
नक्षत्र: चित्रा तिथि: कृष्ण एकादशी
कड़ा मत: कोई मुहूर्त नहीं
सिंहस्थ गुरु — गुरु मघा नक्षत्र में (हर क्षेत्र में वर्जित) मुहूर्त चिंतामणि, शुभाशुभ प्रकरण, और धर्मसिंधु
कार्तिक में सूर्य वृश्चिक में — भवन आरंभ के लिए श्रीपति के बताए मास-राशि जोड़ों में नहीं श्रीपति (मुहूर्त चिंतामणि के वास्तु प्रकरण में उद्धृत)
शनिवार, 5 दिसंबर
अच्छा
08:18–09:35
10:54–11:49
11:50–13:29
नक्षत्र: चित्रा, स्वाती तिथि: कृष्ण द्वादशी
कड़ा मत: कोई मुहूर्त नहीं
सिंहस्थ गुरु — गुरु मघा नक्षत्र में (हर क्षेत्र में वर्जित) मुहूर्त चिंतामणि, शुभाशुभ प्रकरण, और धर्मसिंधु
कार्तिक में सूर्य वृश्चिक में — भवन आरंभ के लिए श्रीपति के बताए मास-राशि जोड़ों में नहीं श्रीपति (मुहूर्त चिंतामणि के वास्तु प्रकरण में उद्धृत)
शनिवार, 12 दिसंबर
बहुत अच्छा
08:22–09:39
10:57–13:32
नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा तिथि: शुक्ल तृतीया
कड़ा मत: कोई मुहूर्त नहीं
सिंहस्थ गुरु — गुरु मघा नक्षत्र में (हर क्षेत्र में वर्जित) मुहूर्त चिंतामणि, शुभाशुभ प्रकरण, और धर्मसिंधु
सोमवार, 14 दिसंबर
बहुत अच्छा
09:41–10:58
12:16–13:33
14:51–17:26
नक्षत्र: धनिष्ठा तिथि: शुक्ल पंचमी
कड़ा मत: कोई मुहूर्त नहीं
सिंहस्थ गुरु — गुरु मघा नक्षत्र में (हर क्षेत्र में वर्जित) मुहूर्त चिंतामणि, शुभाशुभ प्रकरण, और धर्मसिंधु
बुधवार, 16 दिसंबर
बहुत अच्छा
07:07–08:23
09:42–10:25
नक्षत्र: शतभिषा तिथि: शुक्ल सप्तमी
कड़ा मत: कोई मुहूर्त नहीं
पंचक (चंद्रमा धनिष्ठा के उत्तरार्ध से रेवती तक) — भूमि पूजन के लिए वर्जित मुहूर्त चिंतामणि, वास्तु प्रकरण (हिंदी टीका)
संक्रांति — सूर्य 16 दिसंबर को 10:25 पर धनु में; इसके दोनों ओर 16 घटी (6 घंटे 24 मिनट) वर्जित बी.वी. रमन, मुहूर्त
सिंहस्थ गुरु — गुरु मघा नक्षत्र में (हर क्षेत्र में वर्जित) मुहूर्त चिंतामणि, शुभाशुभ प्रकरण, और धर्मसिंधु
2026 में भूमि पूजन के लिए बंद अवधियाँ
ये अवधियाँ नई दिल्ली में भूमि पूजन (नींव) रोकती हैं; इनका समय पंचांग गणना से मिनट तक निकाला गया है (IST)। "दोनों मत" का अर्थ है कि इस पेज की हर सूची इन्हें छोड़ती है; "कड़ा मत" का अर्थ है कि केवल कड़ी सूची। जो अवधि इस दौर से पहले शुरू हुई, वह अपनी असली शुरुआत से दिखाई गई है।
शुक्र बाल्य (उदय के बाद) कड़ा मत
29 अक्टूबर 2026, 09:39 – 5 नवंबर 2026, 09:39
ग्रह के फिर उदय होने के बाद के 7 दिन (बाल्य — धर्मसिंधु का मध्यम मत): केवल कड़ा मत।
सिंहस्थ गुरु: गुरु मघा या पूर्वाफाल्गुनी के पहले चरण में कड़ा मत
31 अक्टूबर 2026, 12:02 – 25 जनवरी 2027, 01:31
गुरु मघा या पूर्वाफाल्गुनी के पहले चरण में: कड़ा मत भूमि पूजन (नींव) हर क्षेत्र में वर्जित मानता है, केवल सूर्य के मेष में रहते नहीं (मुहूर्त चिंतामणि, शुभाशुभ प्रकरण, और धर्मसिंधु)।
सूर्य धनु में दोनों मत
16 दिसंबर 2026, 10:25 से 14 जनवरी 2027, 21:10 तक
मुहूर्त चिंतामणि के वास्तु प्रकरण में उद्धृत नारद घर शुरू करने के लिए सूर्य के मिथुन, कन्या, धनु या मीन में रहने का समय छोड़ते हैं।
संक्रांतियाँ: सूर्य का हर राशि में प्रवेश
कड़ा मत सूर्य के राशि में आने के पल के दोनों ओर 16 घटी (6 घंटे 24 मिनट) टालता है (बी.वी. रमन, मुहूर्त)। इस अवधि की संक्रांतियाँ, नई दिल्ली के लिए, IST में:
वृश्चिक: सूर्य का प्रवेश 16 नवंबर 2026, 19:43; वर्जित 16 नवंबर 2026, 13:19 – 17 नवंबर 2026, 02:07
धनु: सूर्य का प्रवेश 16 दिसंबर 2026, 10:25; वर्जित 16 दिसंबर 2026, 04:01–16:49
नई दिल्ली में कोई भी सूची इन अवधियों के कारण भूमि पूजन (नींव) नहीं रोकती। जिन ग्रंथों पर ये सूचियाँ चलती हैं, उनमें चातुर्मास निर्माण का नियम नहीं (बहुत-से परिवार परंपरा से रुकते हैं); होलाष्टक को मुहूर्त चिंतामणि केवल ब्यास, रावी और सतलुज के क्षेत्र और पुष्कर में मानता है। अगर आपका परिवार इनमें से कोई मानता है, तो वे तारीख़ें छोड़ दें (IST):
चातुर्मास: 24 जुलाई 2026, 09:13 – 21 नवंबर 2026, 06:31 — इस सूची में इसके 2 दिन हैं: 11 और 20 नवंबर
नवंबर-दिसंबर 2026 में नई दिल्ली के लिए ये समय इन नक्षत्रों में पड़ते हैं: चित्रा (2 दिन), रोहिणी (1 दिन), मृगशिरा (1 दिन), पुष्य (1 दिन), उत्तराफाल्गुनी (1 दिन), स्वाती (1 दिन), अनुराधा (1 दिन), उत्तराषाढ़ा (1 दिन), धनिष्ठा (1 दिन), शतभिषा (1 दिन), उत्तराभाद्रपदा (1 दिन) और रेवती (1 दिन)।
संक्षेप में, भूमि पूजन के लिए: स्थिर या मृदु नक्षत्र या शतभिषा, स्वाती, धनिष्ठा, हस्त या पुष्य, चांद्र मास मार्गशीर्ष, फाल्गुन, वैशाख, माघ, श्रावण या कार्तिक और सूर्य मिथुन, कन्या, धनु या मीन में नहीं (मुहूर्त चिंतामणि के वास्तु प्रकरण में उद्धृत नारद), केवल दोनों पक्षों की द्वितीया, तृतीया, पंचमी, षष्ठी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी या त्रयोदशी, या पूर्णिमा, और रविवार या मंगलवार कभी नहीं; भद्रा नहीं; व्यतीपात और वैधृति नहीं, और बाक़ी अशुभ योगों का आरंभिक भाग हटाया गया; गंडांत के चरण और राहु काल, यमगंड और गुलिक हटाए गए; और कम से कम एक घटी (24 मिनट) बचे। ग्रहण के दिन कभी नहीं (मुहूर्त चिंतामणि के संस्कार प्रकरण में उद्धृत गर्ग: तब कोई शुभ काम नहीं, समय आ जाने पर भी)। ग्रहण पृथ्वी पर कहीं भी दिखे, गिना जाता है।
कड़ा मत क्या जोड़ता है
भूमि पूजन के लिए कड़ा मत ये नियम जोड़ता है: सिंहस्थ गुरु और मकर गुरु (क्षेत्र के अनुसार), शुक्र या गुरु के अस्त होने से पहले और उदय के बाद के 7-7 दिन, केवल श्रीपति के सूर्य-राशि और मास वाले जोड़े, पंचक नहीं और हर संक्रांति के दोनों ओर 16 घटी (6 घंटे 24 मिनट) — हर एक का ब्योरा 2027 के भूमि पूजन मुहूर्त पेज पर है।
जो इन सूचियों में नहीं, वह आपके हाथ में
ये सूचियाँ लग्न या आपके अपने नक्षत्र नहीं देखतीं; 2027 का भूमि पूजन मुहूर्त पेज बताता है कि आपके हाथ में क्या बचता है।
अपने शहर या अपनी तारीख़ों के लिए
नक्षत्र या तिथि हर जगह एक ही पल बदलती है, पर हर जगह का सूर्योदय, सूर्यास्त और राहु काल अपना होता है, इसलिए दूसरे शहर का समय कुछ मिनट आगे-पीछे होता है, और बदलाव के पास वाला दिन छूट या जुड़ सकता है। मुहूर्त खोजक आपके शहर और आपकी तारीख़ों के लिए भूमि पूजन की सूची के दोनों मत निकालता है, एक बार में तीन महीने तक, और उसके नतीजों में नीचे वाली व्यक्तिगत जाँच भी मिलती है। किसी महीने से शुरू करें:
कुंडली से व्यक्तिगत मुहूर्त
सबके लिए बनी सूची आपके अपने नक्षत्र नहीं देख सकती। मुहूर्त चिंतामणि का गोचर प्रकरण दो व्यक्तिगत जाँचें जोड़ता है: तारा बल, यानी जन्म नक्षत्र से गिना गया दिन का नक्षत्र, और चंद्र बल, यानी जन्म राशि से गिनी गई चंद्रमा की राशि। जो दिन आम तौर पर अच्छा है, वह किसी एक व्यक्ति के लिए कमज़ोर हो सकता है।
व्यक्तिगत भूमि पूजन मुहूर्त आपकी सहेजी हुई कुंडली पढ़ता है: हर दिन का तारा बल और चंद्र बल, हर समय के भीतर इस काम के लिए ठीक लग्न का समय, आपके प्लॉट के मुख वाले महीने और आपके परिवार की परंपरा, एक मुहूर्त पत्र (पीडीएफ़) और रिमाइंडर। पूरे काम के लिए 101 सिक्के: भुगतान से पहले आप देखते हैं कि आपकी कुंडली की जाँच से पहले कितने दिन खुले हैं, और अगर कोई दिन आपकी कुंडली के अनुसार शुद्ध न निकले, तो कुछ नहीं कटता। या एक तारीख़ जाँचने के लिए 50 सिक्के — ये उसके जवाब के लिए हैं, तारीख़ शुद्ध निकले या नहीं।
या इस सूची की किसी एक तारीख़ के बारे में AI ज्योतिषी से पूछें: वह आपकी कुंडली में दर्ज स्थान के लिए दिन पढ़ता है और अपने जवाब के पीछे का नियम बताता है।
साइन इन करें, फिर अपनी कुंडली और शहर चुनें।
किसी तारीख़ को कुंडली से जाँचें
तारीख़ और काम लिखें। अगली स्क्रीन पर साइन इन करें और जन्म विवरण एक बार जोड़ें — आपका सवाल चैट में इंतज़ार करेगा।
नवंबर-दिसंबर 2026 में भूमि पूजन मुहूर्त के कितने दिन हैं?
नई दिल्ली के लिए प्रचलित मत में 12 दिन और कड़े मत में एक भी दिन नहीं। इस पेज पर हर तारीख़ का समय IST में दिया है।
नवंबर-दिसंबर 2026 में भूमि पूजन के लिए कौन-से महीने अच्छे हैं?
मुहूर्त चिंतामणि के वास्तु प्रकरण में उद्धृत नारद चांद्र मास मार्गशीर्ष, फाल्गुन, वैशाख, माघ, श्रावण या कार्तिक बताते हैं, और सूर्य मिथुन, कन्या, धनु या मीन में हो तो छोड़ते हैं। इस अवधि में नई दिल्ली के लिए: कार्तिक (10 नवंबर – 8 दिसंबर) और मार्गशीर्ष (9 दिसंबर – 31 दिसंबर)।
क्या प्लॉट का मुख महीना बदल देता है?
मुहूर्त चिंतामणि में उद्धृत श्रीपति के नियम में हाँ: पूर्व या पश्चिम मुखी घर सूर्य के कुंभ में और फाल्गुन, कर्क या सिंह में और श्रावण, या मकर में और पौष में शुरू होता है; उत्तर या दक्षिण मुखी घर सूर्य के मेष या वृष में और वैशाख, या तुला या वृश्चिक में और मार्गशीर्ष में। यहाँ कड़ा मत पाँचों जोड़े रखता है; व्यक्तिगत मुहूर्त आपके प्लॉट वाले रखता है।
क्या खरमास या चातुर्मास में भूमि पूजन हो सकता है?
खरमास में नहीं: नारद घर शुरू करने के लिए सूर्य के धनु और मीन में रहने का समय छोड़ते हैं, इसलिए यहाँ दोनों मत वे महीने बंद रखते हैं। जिन ग्रंथों पर ये सूचियाँ चलती हैं, उनमें चातुर्मास निर्माण का नियम नहीं; बहुत-से परिवार परंपरा से देवउठनी एकादशी तक रुकते हैं।
कुछ सूचियाँ भूमि पूजन के दूसरे महीने क्यों बताती हैं?
सभी ग्रंथ एक जैसे महीने नहीं देते। मुहूर्त चिंतामणि में उद्धृत नारद और श्रीपति वे महीने देते हैं जो ये सूचियाँ लेती हैं; बी.वी. रमन चैत्र, वैशाख, श्रावण, कार्तिक और माघ बताते हैं, और मार्गशीर्ष, पौष और फाल्गुन छोड़ते हैं। व्यक्तिगत मुहूर्त में आपका परिवार दोनों में से कोई भी परंपरा चुन सकता है।
क्या भूमि पूजन की ये तारीख़ें मेरे शहर के लिए भी यही हैं?
ज़्यादातर, पर मिनट तक नहीं। नक्षत्र या तिथि हर जगह एक ही पल बदलती है, पर सूर्योदय, सूर्यास्त और राहु काल स्थानीय हैं, इसलिए दूसरे शहर का समय कुछ मिनट आगे-पीछे शुरू और ख़त्म होता है, और जहाँ कोई बदलाव समय के किनारे के पास पड़ता है, वहाँ कोई दिन छूट या जुड़ सकता है। कड़ा मत कुछ नियम क्षेत्र के अनुसार भी पढ़ता है: सिंह का बाक़ी भाग, मकर गुरु और होलाष्टक। मुहूर्त खोजक आपके शहर के लिए दोनों मत निकालता है।