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संपत्ति खरीद मुहूर्त 2026: नवंबर और दिसंबर की तारीख़ें

1 नवंबर से 31 दिसंबर 2026 तक नई दिल्ली के लिए प्रचलित मत में ज़मीन या मकान की खरीद के 30 दिन हैं। ये वे दिन हैं जो किसी भी वार मुहूर्त चिंतामणि के नक्षत्र-वर्गों और तिथि, योग व करण के नियमों पर खरे उतरते हैं; यह उस पंचांग से अलग परंपरा है जिससे हमने मिलान किया, जो केवल गुरुवार और शुक्रवार और अपने नक्षत्र लेता है (नीचे देखें)। कड़ा मत (संक्रांति के घंटे) इनमें से 29 दिन रखता है। संक्रांति के ये घंटे 1 और दिन का समय भी छोटा करते हैं। खरमास, चातुर्मास और सिंहस्थ गुरु किसी भी सूची में ज़मीन या मकान की खरीद नहीं रोकते।

प्रचलित मत
30 दिन (1 नवंबर – 31 दिसंबर)
कड़ा मत
29 दिन (1 नवंबर – 31 दिसंबर)
महीनेवार
नवंबर (15) और दिसंबर (15)
रवि-पुष्य
1 नवंबर और 29 नवंबर
समय
IST, सूर्योदय से सूर्यास्त तक

नई दिल्ली (28.61° उ., 77.21° पू.) के लिए IST में, Swiss Ephemeris और लाहिड़ी अयनांश से गणना — किसी व्यक्ति विशेष के लिए नहीं। दूसरे शहरों में समय कुछ मिनट आगे-पीछे होता है। प्रचलित मत को एक प्रकाशित पंचांग की संपत्ति सूची से मिलाया गया है: नई दिल्ली का पूरा 2027। वह पंचांग दूसरी परंपरा पर चलता है, इसलिए दोनों सूचियों के दिन कुछ हद तक ही मिलते हैं (नीचे देखें)।

नवंबर-दिसंबर 2026 की सभी 30 तारीख़ें एक नज़र में

प्रचलित मत की तारीख़ें महीनेवार, और कड़ा मत उनमें से क्या रखता है। हर तारीख़ का समय नीचे के कार्डों में है।

  • नवंबर: 1, 6, 7, 9, 10, 11, 15, 16, 20, 21, 24, 25, 26, 28 और 29 (15 दिन); कड़ा मत भी ये सब रखता है
  • दिसंबर: 3, 4, 5, 6, 12, 14, 15, 16, 19, 20, 21, 22, 25, 30 और 31 (15 दिन); कड़ा मत 16 दिसंबर छोड़ता है

प्रचलित मत इस अवधि में 1 दिन को "बहुत अच्छा" मानता है — साथ में सबसे अच्छे समय का नक्षत्र: शुक्रवार 20 नवंबर (उत्तराभाद्रपदा)। आपके अपने नक्षत्र इस दिन को आपके लिए कमज़ोर बना सकते हैं (नीचे देखें)।

शनिवार या रविवार को: 1, 7, 15, 21, 28 और 29 नवंबर; 5, 6, 12, 19 और 20 दिसंबर — कुल 30 दिनों में से 11।

खरीद के लिए खरमास एक परंपरा है, जो यहाँ नहीं लगाई गई; जो परिवार इसे मानता है, वह इनमें से 8 तारीख़ें छोड़ेगा: 16, 19, 20, 21, 22, 25, 30 और 31 दिसंबर (16 दिसंबर को केवल खरमास वाले घंटे)।

धनतेरस (शुक्रवार, 6 नवंबर 2026) इस सूची में है: 07:10–07:58, 09:21–10:42 और 12:05–14:48 (IST)।

दीवाली (8 नवंबर) इस सूची में नहीं है: लक्ष्मी पूजा अमावस्या को होती है, और ये सूचियाँ अमावस्या छोड़ती हैं।

दो मत, दो सूचियाँ

छपे पंचांग और ग्रंथ हर नियम पर एक राय नहीं रखते, इसलिए यह पेज दो सूचियाँ देता है। प्रचलित मत नियमों को वैसे लगाता है, जैसे कई छपे पंचांग लगाते हैं। कड़ा मत उन्हीं समयों से शुरू करता है और ये नियम भी जोड़ता है: हर संक्रांति के दोनों ओर 16 घटी (6 घंटे 24 मिनट) और जिन क्षेत्रों में मुहूर्त चिंतामणि इसे मानता है, वहाँ होलाष्टक। कड़े मत का हर समय प्रचलित मत के किसी समय के भीतर ही होता है — यानी कड़ी सूची उसी सूची का छोटा रूप है, कोई अलग सूची नहीं।

जिन नियमों पर ये सूचियाँ चलती हैं, उनमें ज़मीन या मकान की खरीद के लिए कोई मौसम नहीं: सिंहस्थ गुरु, शुक्र-गुरु अस्त, खरमास और चातुर्मास विवाह और नए घर पर लगते हैं, खरीद पर नहीं। इसलिए यहाँ कड़ा मत केवल संक्रांति के घंटे (और जिन क्षेत्रों में ग्रंथ इसे मानता है, वहाँ होलाष्टक) जोड़ता है: वह प्रचलित मत का 1 दिन बंद करता है और 1 और दिन का समय छोटा करता है।

कौन-सी सूची मानें, यह परिवार का फ़ैसला है। आपका परिवार ग्रंथों को कड़ाई से मानता है तो कड़ा मत देखें; छपे पंचांग से चलता है तो प्रचलित मत। मुहूर्त की तारीख़ें अलग क्यों होती हैं में दो पंचांगों के अलग होने के बाक़ी कारण हैं।

उस पंचांग की संपत्ति सूची दूसरी परंपरा पर चलती है: केवल गुरुवार और शुक्रवार, अपने ग्यारह नक्षत्र, और तिथि, योग या करण का कोई नियम नहीं। यह सूची हर वार लेती है, नक्षत्रों की श्रेणी मुहूर्त चिंतामणि के वर्गों से तय करती है और तिथि, योग व करण के वही नियम लगाती है जो वाहन की सूची, इसलिए दोनों के दिन कुछ हद तक ही मिलते हैं। यहाँ हर दिन के साथ उसका नक्षत्र और वार लिखा है, ताकि उस परंपरा को मानने वाला परिवार ऐसा दिन चुन सके जो दोनों सूचियों में हो।

संपत्ति खरीद की तारीख़ें नवंबर-दिसंबर 2026: महीनेवार

हर तारीख़ के साथ नई दिल्ली के लिए मुहूर्त का समय (IST), उस समय के नक्षत्र और तिथि, और एक श्रेणी दी है। जिस दिन कड़ा मत समय छोटा करता है या दिन बंद करता है, उस कार्ड पर यह लिखा है; जहाँ कुछ नहीं लिखा, वहाँ दोनों मत एक हैं। एक बार में एक सूची देखने के लिए मत चुनें।

सूची का हर दिन नियमों के अनुसार शुद्ध है। "बहुत अच्छा", "अच्छा" और "सामान्य" शास्त्रीय बातों (जैसे नक्षत्र, वार, शुक्ल पक्ष) से बना मोटा क्रम है — कोई संभावना या गारंटी नहीं।

मत चुनें

प्रचलित मत के दिन, और हर दिन पर कड़े मत का असर।

नवंबर 2026 15 दिन

  • रविवार, 1 नवंबर

    अच्छा
    • 06:33–12:04
    • 13:28–14:50

    नक्षत्र: पुष्य तिथि: कृष्ण सप्तमी

  • शुक्रवार, 6 नवंबर

    अच्छा
    • 07:10–07:58
    • 09:21–10:42
    • 12:05–14:48

    नक्षत्र: हस्त तिथि: कृष्ण द्वादशी, कृष्ण त्रयोदशी

  • शनिवार, 7 नवंबर

    सामान्य
    • 08:00–09:20

    नक्षत्र: चित्रा तिथि: कृष्ण त्रयोदशी

  • सोमवार, 9 नवंबर

    अच्छा
    • 12:33–13:26
    • 14:48–17:30

    नक्षत्र: विशाखा तिथि: शुक्ल प्रतिपदा

  • मंगलवार, 10 नवंबर

    अच्छा
    • 10:44–12:04
    • 13:27–14:47
    • 16:09–17:30

    नक्षत्र: अनुराधा तिथि: शुक्ल प्रतिपदा, शुक्ल द्वितीया

  • बुधवार, 11 नवंबर

    अच्छा
    • 06:41–08:01
    • 09:23–10:43

    नक्षत्र: अनुराधा तिथि: शुक्ल द्वितीया

  • रविवार, 15 नवंबर

    अच्छा
    • 08:47–12:05
    • 13:27–14:46

    नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा तिथि: शुक्ल षष्ठी

  • सोमवार, 16 नवंबर

    अच्छा
    • 06:45–08:04
    • 09:25–10:45
    • 12:06–13:26

    नक्षत्र: श्रवण तिथि: शुक्ल सप्तमी

    कड़ा मत: समय कम — 06:45–08:04, 09:25–10:45, 12:06–13:19

    • संक्रांति — सूर्य 16 नवंबर को 19:43 पर वृश्चिक में; इसके दोनों ओर 16 घटी (6 घंटे 24 मिनट) वर्जित बी.वी. रमन, मुहूर्त
  • शुक्रवार, 20 नवंबर

    बहुत अच्छा
    • 10:17–10:46
    • 12:07–14:46
    • 16:07–17:25

    नक्षत्र: उत्तराभाद्रपदा तिथि: शुक्ल एकादशी

  • शनिवार, 21 नवंबर

    अच्छा
    • 08:08–09:27
    • 10:48–13:26
    • 14:47–17:25

    नक्षत्र: रेवती तिथि: शुक्ल द्वादशी

  • मंगलवार, 24 नवंबर

    सामान्य
    • 10:49–12:07
    • 13:27–14:46
    • 16:06–17:24

    नक्षत्र: कृत्तिका तिथि: पूर्णिमा

  • बुधवार, 25 नवंबर

    अच्छा
    • 06:52–08:10
    • 09:30–10:48
    • 13:28–17:24

    नक्षत्र: रोहिणी तिथि: कृष्ण प्रतिपदा, कृष्ण द्वितीया

  • गुरुवार, 26 नवंबर

    अच्छा
    • 08:12–09:30
    • 10:50–13:27
    • 14:47–17:24

    नक्षत्र: मृगशिरा तिथि: कृष्ण द्वितीया, कृष्ण तृतीया

  • शनिवार, 28 नवंबर

    सामान्य
    • 08:13–09:31
    • 12:51–13:27
    • 14:47–17:24

    नक्षत्र: पुनर्वसु, पुष्य तिथि: कृष्ण पंचमी

  • रविवार, 29 नवंबर

    अच्छा
    • 06:55–10:59

    नक्षत्र: पुष्य तिथि: कृष्ण षष्ठी

दिसंबर 2026 15 दिन

  • गुरुवार, 3 दिसंबर

    अच्छा
    • 08:16–09:23

    नक्षत्र: उत्तराफाल्गुनी तिथि: कृष्ण दशमी

  • शुक्रवार, 4 दिसंबर

    अच्छा
    • 06:59–08:16
    • 09:35–10:52
    • 12:12–14:47

    नक्षत्र: हस्त, चित्रा तिथि: कृष्ण एकादशी

  • शनिवार, 5 दिसंबर

    सामान्य
    • 08:18–09:35
    • 10:54–11:49
    • 11:50–13:29

    नक्षत्र: चित्रा, स्वाती तिथि: कृष्ण द्वादशी

  • रविवार, 6 दिसंबर

    सामान्य
    • 07:00–07:41
    • 10:06–12:12
    • 13:31–14:48

    नक्षत्र: स्वाती, विशाखा तिथि: कृष्ण त्रयोदशी

  • शनिवार, 12 दिसंबर

    अच्छा
    • 08:22–09:39
    • 10:57–13:32

    नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा तिथि: शुक्ल तृतीया

  • सोमवार, 14 दिसंबर

    अच्छा
    • 07:06–08:22
    • 09:41–10:58
    • 12:16–13:33

    नक्षत्र: श्रवण, धनिष्ठा तिथि: शुक्ल पंचमी

  • मंगलवार, 15 दिसंबर

    सामान्य
    • 07:06–09:40
    • 10:59–12:16

    नक्षत्र: धनिष्ठा, शतभिषा तिथि: शुक्ल षष्ठी

  • बुधवार, 16 दिसंबर

    अच्छा
    • 07:07–08:23
    • 09:42–10:59
    • 13:35–14:02

    10:25 पर सूर्य धनु में आते हैं और खरमास शुरू होता है — खरीद में खरमास मानने वाले परिवार उससे पहले के घंटे लेते हैं (परंपरा)।

    नक्षत्र: शतभिषा तिथि: शुक्ल सप्तमी

    कड़ा मत: कोई मुहूर्त नहीं

    • संक्रांति — सूर्य 16 दिसंबर को 10:25 पर धनु में; इसके दोनों ओर 16 घटी (6 घंटे 24 मिनट) वर्जित बी.वी. रमन, मुहूर्त
  • शनिवार, 19 दिसंबर

    अच्छा
    • 08:26–09:43

    नक्षत्र: रेवती तिथि: शुक्ल दशमी

  • रविवार, 20 दिसंबर

    अच्छा
    • 07:09–09:18

    नक्षत्र: अश्विनी तिथि: शुक्ल एकादशी

  • सोमवार, 21 दिसंबर

    अच्छा
    • 13:10–13:36
    • 14:55–17:29

    नक्षत्र: कृत्तिका तिथि: शुक्ल द्वादशी

  • मंगलवार, 22 दिसंबर

    अच्छा
    • 07:10–09:44 सामान्य
    • 11:03–12:19
    • 13:38–14:24

    नक्षत्र: कृत्तिका, रोहिणी तिथि: शुक्ल त्रयोदशी

  • शुक्रवार, 25 दिसंबर

    सामान्य
    • 07:12–08:28
    • 09:47–11:03
    • 12:22–14:56

    नक्षत्र: पुनर्वसु तिथि: कृष्ण द्वितीया

  • बुधवार, 30 दिसंबर

    अच्छा
    • 07:13–08:30
    • 09:49–11:05
    • 13:42–15:37

    नक्षत्र: उत्तराफाल्गुनी तिथि: कृष्ण सप्तमी, कृष्ण अष्टमी

  • गुरुवार, 31 दिसंबर

    अच्छा
    • 08:31–09:48
    • 11:07–12:26

    नक्षत्र: हस्त तिथि: कृष्ण अष्टमी

2026 में खरमास, सिंहस्थ और संक्रांति के घंटे

इन सूचियों में ज़मीन या मकान की खरीद के लिए कोई मौसम बंद नहीं। केवल कड़ा मत नीचे दिए संक्रांति के घंटे टालता है। बाक़ी अवधियाँ उनकी तारीख़ों के साथ उन परिवारों के लिए दी हैं, जो इन्हें खरीद में भी मानते हैं।

संक्रांति के घंटे (कड़ा मत)

कड़ा मत सूर्य के राशि में आने के पल के दोनों ओर 16 घटी (6 घंटे 24 मिनट) टालता है (बी.वी. रमन, मुहूर्त; कालप्रकाशिका की 30 घटी नहीं ली गईं)। इस अवधि की संक्रांतियाँ, नई दिल्ली के लिए, IST में:

  • वृश्चिक: सूर्य का प्रवेश 16 नवंबर 2026, 19:43; वर्जित 16 नवंबर 2026, 13:19 – 17 नवंबर 2026, 02:07
  • धनु: सूर्य का प्रवेश 16 दिसंबर 2026, 10:25; वर्जित 16 दिसंबर 2026, 04:01–16:49

कोई भी सूची सिंहस्थ गुरु, शुक्र-गुरु अस्त, खरमास, चातुर्मास या होलाष्टक के कारण ज़मीन या मकान की खरीद नहीं रोकती। मुहूर्त चिंतामणि में जिन कामों को सिंहस्थ और अस्त से दूर रखा गया है, उनमें खरीद का नाम नहीं। होलाष्टक: मुहूर्त चिंतामणि (शुभाशुभ प्रकरण, शीघ्रबोध के हवाले से) इसे केवल ब्यास, रावी और सतलुज के क्षेत्र और पुष्कर में मानता है; उत्तर भारत में बहुत-से परिवार इसे परंपरा से मानते हैं, पर ये सूचियाँ नई दिल्ली में इसे नहीं लगातीं। अगर आपका परिवार इनमें से किसी में खरीद टालता है, तो ये तारीख़ें छोड़ दें (IST):

  • सिंहस्थ गुरु (गुरु मघा या पूर्वाफाल्गुनी के पहले चरण में): 31 अक्टूबर 2026, 12:02 – 25 जनवरी 2027, 01:31
  • खरमास: 16 दिसंबर 2026, 10:25 – 14 जनवरी 2027, 21:10
  • चातुर्मास: 24 जुलाई 2026, 09:13 – 21 नवंबर 2026, 06:31

ये तारीख़ें कैसे चुनी गईं

  • इस पेज के 30 दिन पूरे 2027 की संपत्ति खरीद मुहूर्त सूची के नियमों पर चलते हैं; वहाँ हर नियम उसके स्रोत के साथ दिया है: 2027 में संपत्ति खरीद की तारीख़ें कैसे चुनी गईं।
  • नवंबर-दिसंबर 2026 में नई दिल्ली के लिए ये समय इन नक्षत्रों में पड़ते हैं: कृत्तिका (3 दिन), पुष्य (3 दिन), हस्त (3 दिन), चित्रा (3 दिन), रोहिणी (2 दिन), पुनर्वसु (2 दिन), उत्तराफाल्गुनी (2 दिन), स्वाती (2 दिन), विशाखा (2 दिन), अनुराधा (2 दिन), उत्तराषाढ़ा (2 दिन), श्रवण (2 दिन), धनिष्ठा (2 दिन), शतभिषा (2 दिन), रेवती (2 दिन), अश्विनी (1 दिन), मृगशिरा (1 दिन) और उत्तराभाद्रपदा (1 दिन)।
  • संक्षेप में, ज़मीन या मकान खरीदने के लिए: मुहूर्त चिंतामणि के वर्गों से परखा नक्षत्र (नक्षत्र प्रकरण; कभी उग्र या तीक्ष्ण नहीं), दिन का उजाला, और कोई भी वार; कोई रिक्ता तिथि और अमावस्या नहीं; भद्रा नहीं; व्यतीपात और वैधृति नहीं, और बाक़ी अशुभ योगों का आरंभिक भाग हटाया गया; गंडांत के चरण और राहु काल, यमगंड और गुलिक हटाए गए; और कम से कम एक घटी (24 मिनट) का समय बचा रहे।

कड़ा मत क्या जोड़ता है

  • ज़मीन या मकान की खरीद के लिए कड़ा मत ये नियम जोड़ता है: हर संक्रांति के दोनों ओर 16 घटी (6 घंटे 24 मिनट) और जिन क्षेत्रों में मुहूर्त चिंतामणि इसे मानता है, वहाँ होलाष्टक (संक्रांति के घंटे: बी.वी. रमन, मुहूर्त) — हर एक का ब्योरा 2027 के संपत्ति खरीद मुहूर्त पेज पर है।

जो इन सूचियों में नहीं, वह आपके हाथ में

  • ज़मीन या मकान की खरीद के लिए ये सूचियाँ कुछ बातें आप पर छोड़ती हैं: लग्न, आपका अपना तारा बल और चंद्र बल, ग्रहण के दिन जैसे बारीक नियम, और आपके परिवार की परंपराएँ; 2027 का संपत्ति खरीद मुहूर्त पेज इन्हें गिनाता है।

आपके शहर या आपकी अपनी तारीख़ों के लिए

नक्षत्र या तिथि हर जगह एक ही पल बदलते हैं, पर हर जगह का सूर्योदय, सूर्यास्त और राहु काल अपना होता है — इसलिए दूसरे शहर में समय कुछ मिनट आगे-पीछे होता है, और किसी बदलाव के पास वाला दिन जुड़ या हट सकता है। मुहूर्त खोजक आपके शहर और आपकी तारीख़ों के लिए संपत्ति खरीद की दोनों सूचियाँ निकालता है, एक बार में तीन महीने तक। किसी महीने से शुरू करें:

अपने जन्म नक्षत्र से निजी जाँच

सबके लिए बनी सूची आपके अपने नक्षत्र नहीं देख सकती। मुहूर्त चिंतामणि का गोचर प्रकरण दो निजी जाँचें जोड़ता है: तारा बल — उस दिन का नक्षत्र आपके जन्म नक्षत्र से गिना हुआ — और चंद्र बल — चंद्रमा की राशि आपकी जन्म चंद्र राशि से गिनी हुई। जो दिन आम तौर पर अच्छा है, वह आपके लिए कमज़ोर हो सकता है।

इस सूची की किसी तारीख़ के बारे में AI ज्योतिषी से पूछें। वह आपकी कुंडली से दोनों जाँचें करता है, आपकी कुंडली में सहेजी जगह के लिए उस दिन का समय पढ़ता है और अपने जवाब के पीछे का नियम बताता है।

किसी तारीख़ को अपनी कुंडली पर जाँचें

तारीख़ और काम लिखिए। अगली स्क्रीन पर साइन इन कीजिए और एक बार जन्म विवरण भरिए — सवाल आपकी चैट में तैयार मिलेगा।

नए खाते का पहला सवाल मुफ़्त है, और चैट में Send दबाने से पहले कोई शुल्क नहीं लगता।

मुहूर्त गाइड

इन सूचियों के पीछे के नियम, उनके स्रोतों के साथ:

लोग अक्सर पूछते हैं

नवंबर-दिसंबर 2026 में संपत्ति खरीद के कितने शुभ मुहूर्त हैं?
नई दिल्ली के लिए प्रचलित मत में 30 दिन और कड़े मत में 29 दिन। इस पेज पर हर तारीख़ के साथ उसका समय IST में दिया है।
ज़मीन या मकान खरीदने के लिए कौन-से नक्षत्र शुभ हैं?
ग्रंथ इस पर एक राय नहीं रखते, और यह सूची किसी एक को हूबहू नहीं मानती। यह नक्षत्रों को मुहूर्त चिंतामणि के वर्गों से श्रेणी देती है, पर श्रेणियाँ इसकी अपनी हैं: स्थिर नक्षत्र (रोहिणी, उत्तराफाल्गुनी, उत्तराषाढ़ा और उत्तराभाद्रपदा) टिकाऊ चीज़ों के लिए सबसे अच्छे; मृदु और क्षिप्र नक्षत्र (अश्विनी, मृगशिरा, पुष्य, हस्त, चित्रा, अनुराधा और रेवती) अच्छे; चर और मिश्र नक्षत्र (कृत्तिका, पुनर्वसु, स्वाती, विशाखा, श्रवण, धनिष्ठा और शतभिषा) सामान्य; उग्र या तीक्ष्ण नक्षत्र कभी नहीं। मुहूर्त चिंतामणि के नक्षत्र प्रकरण की अपनी क्रय (खरीद) सूची छोटी है — रेवती, शतभिषा, अश्विनी, स्वाती, श्रवण और चित्रा — और वहाँ उद्धृत दीपिका बेचने के नक्षत्रों (पूर्वाफाल्गुनी, पूर्वाषाढ़ा, पूर्वाभाद्रपदा, विशाखा, कृत्तिका, आश्लेषा और भरणी) को खरीद से दूर रखती है, जबकि यह सूची कृत्तिका और विशाखा को सामान्य मानती है। बी.वी. रमन (मुहूर्त) की ज़मीन खरीदने वाली सूची में कृत्तिका, चित्रा, विशाखा और रेवती नहीं हैं, और वे इसके लिए मंगलवार को वर्जित मानते हैं; ये सूचियाँ हर वार रखती हैं। यहाँ हर दिन के साथ उसका नक्षत्र और वार लिखा है, इसलिए जो परिवार इनमें से कोई सूची मानता है, वह उसी के हिसाब से दिन चुन सकता है।
क्या रजिस्ट्री का भी मुहूर्त होता है?
ये सूचियाँ ज़मीन या मकान की खरीद के लिए बनी हैं; इनमें सौदे, भुगतान और रजिस्ट्री को अलग नहीं किया गया। नए घर में रहने जाना अलग काम है, जिसके अपने नियम हैं: गृह प्रवेश 2026 की सूची देखें।
क्या खरमास या सिंहस्थ गुरु में संपत्ति खरीद सकते हैं?
ये सूचियाँ उन्हें खरीद पर नहीं लगातीं। जिन नियमों पर ये चलती हैं, वे खरमास, चातुर्मास, सिंहस्थ गुरु और शुक्र-गुरु अस्त को विवाह, नए घर और दूसरे संस्कारों पर लगाते हैं, खरीद पर नहीं। अगर आपका परिवार खरमास में खरीद टालता है, तो ये दिन छोड़ दें: 16 दिसंबर 2026, 10:25 – 14 जनवरी 2027, 21:10 (IST) — इस पेज पर 16, 19, 20, 21, 22, 25, 30 और 31 दिसंबर।
नवंबर-दिसंबर 2026 में संपत्ति खरीद के लिए गुरु-पुष्य और रवि-पुष्य कब हैं?
नवंबर-दिसंबर 2026 में किसी गुरुवार को चंद्रमा पुष्य में नहीं, इसलिए गुरु-पुष्य नहीं है। रवि-पुष्य: 1 नवंबर और 29 नवंबर — दिन रविवार है और सूची के समय में चंद्रमा पुष्य में है। ये सूचियाँ गुरुवार (गुरु-पुष्य) या रविवार (रवि-पुष्य) के पुष्य को ऊँची श्रेणी देती हैं; दिन के बाक़ी नियम फिर भी लागू रहते हैं।
क्या संपत्ति खरीद की ये तारीख़ें मेरे शहर के लिए भी यही हैं?
ज़्यादातर हाँ, पर मिनट-मिनट नहीं। नक्षत्र या तिथि हर जगह एक ही पल बदलते हैं, जबकि सूर्योदय, सूर्यास्त और राहु काल हर शहर के अपने होते हैं — इसलिए दूसरे शहर में समय कुछ मिनट आगे-पीछे होता है, और जहाँ कोई बदलाव समय की सीमा के पास पड़े, वहाँ कोई दिन जुड़ या हट सकता है। मुहूर्त खोजक आपके शहर के लिए दोनों मत निकालता है।