1 नवंबर से 31 दिसंबर 2026 तक नई दिल्ली के लिए विवाह मुहूर्त के 11 दिन हैं। यह प्रचलित मत है, जिसमें नियम वैसे ही लगाए गए हैं जैसे कई छपे पंचांग लगाते हैं; ग्रंथों के कड़े मत में एक भी दिन नहीं है। गुरु 31 अक्टूबर 2026, 12:02 से 25 जनवरी 2027, 01:31 तक (IST) सिंह राशि में है (सिंहस्थ गुरु), और ग्रंथ इस दौरान विवाह वर्जित मानते हैं। कड़े मत का अगला दिन 27 जनवरी 2027 है।
प्रचलित मत
11 दिन (21 नवंबर – 12 दिसंबर)
कड़ा मत
एक भी नहीं — अगला: 27 जनवरी 2027
महीनेवार
नवंबर (4) और दिसंबर (7)
मंगलवार
प्रचलित मत में 1, कड़े मत में एक भी नहीं
समय
IST, सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
नई दिल्ली (28.61° उ., 77.21° पू.) के लिए IST में, Swiss Ephemeris और लाहिड़ी अयनांश से गणना — किसी व्यक्ति विशेष के लिए नहीं। दूसरे शहरों में समय कुछ मिनट आगे-पीछे होता है। प्रचलित मत को एक प्रकाशित पंचांग की विवाह सूचियों से मिलाया गया है: गुड़गाँव का पूरा 2026, मुंबई, कोलकाता व गुड़गाँव के लिए नवंबर 2026 से फ़रवरी 2027 तक, और नई दिल्ली का पूरा 2027। जहाँ दोनों में फ़र्क़ है, उसका नियम नीचे बताया गया है।
नवंबर-दिसंबर 2026 की सभी 11 तारीख़ें एक नज़र में
प्रचलित मत की तारीख़ें महीनेवार, और कड़ा मत उनमें से क्या रखता है। हर तारीख़ का समय नीचे के कार्डों में है।
नवंबर: 21, 24, 25 और 26 (4 दिन); कड़ा मत इनमें से कोई नहीं रखता
दिसंबर: 2, 3, 4, 5, 6, 11 और 12 (7 दिन); कड़ा मत इनमें से कोई नहीं रखता
प्रचलित मत इस अवधि में 1 दिन को "बहुत अच्छा" मानता है — साथ में सबसे अच्छे समय का नक्षत्र: शुक्रवार 11 दिसंबर (उत्तराषाढ़ा)। आपके अपने नक्षत्र इस दिन को आपके लिए कमज़ोर बना सकते हैं (नीचे देखें)।
शनिवार या रविवार को: 21 नवंबर; 5, 6 और 12 दिसंबर — कुल 11 दिनों में से 4।
दो मत, दो सूचियाँ
छपे पंचांग और ग्रंथ हर नियम पर एक राय नहीं रखते, इसलिए यह पेज दो सूचियाँ देता है। प्रचलित मत नियमों को वैसे लगाता है, जैसे कई छपे पंचांग लगाते हैं। कड़ा मत उन्हीं समयों से शुरू करता है और ये नियम भी जोड़ता है: सिंहस्थ गुरु और मकर गुरु (क्षेत्र के अनुसार), शुक्र या गुरु के अस्त होने से पहले और उदय के बाद के 7-7 दिन, मंगलवार को विवाह नहीं, हर संक्रांति के दोनों ओर 16 घटी (6 घंटे 24 मिनट) और जिन क्षेत्रों में मुहूर्त चिंतामणि इसे मानता है, वहाँ होलाष्टक। कड़े मत का हर समय प्रचलित मत के किसी समय के भीतर ही होता है — यानी कड़ी सूची उसी सूची का छोटा रूप है, कोई अलग सूची नहीं।
सबसे बड़ा फ़र्क़ सिंहस्थ गुरु का है, यानी गुरु का सिंह राशि में होना। गुरु 31 अक्टूबर 2026, 12:02 से 25 जनवरी 2027, 01:31 तक मघा या पूर्वाफाल्गुनी के पहले चरण में है — ग्रंथ इसे हर क्षेत्र में वर्जित मानते हैं (समय IST में)। सिंहस्थ गुरु की गाइड यह नियम, इसके क्षेत्र और स्रोत समझाती है, और खरमास 2026–27 सूर्य के धनु और मीन वाले दो महीनों के बारे में बताता है।
कौन-सी सूची मानें, यह परिवार का फ़ैसला है। आपका परिवार ग्रंथों को कड़ाई से मानता है तो कड़ा मत देखें; छपे पंचांग से चलता है तो प्रचलित मत। मुहूर्त की तारीख़ें अलग क्यों होती हैं में दो पंचांगों के अलग होने के बाक़ी कारण हैं।
जहाँ यह प्रचलित मत और जाँचा गया पंचांग अलग हैं, वहाँ उसके पीछे कोई नियम है। वह पंचांग अस्त को ग्रह के दिखने से गिनता है और उसके दोनों ओर लगभग तीन दिन और छोड़ता है, इसलिए अस्त के आसपास दोनों सूचियों में कुछ दिनों का फ़र्क़ किसी भी ओर हो सकता है; यह प्रचलित मत सूर्य सिद्धांत के अंशों से अस्त गिनता है और अतिरिक्त दिन नहीं छोड़ता, और कड़ा मत सात दिन छोड़ता है। वह पंचांग रिक्ता तिथियाँ और चातुर्मास ख़त्म होने के बाद तुला का सूर्य भी रखता है; यह सूची मुहूर्त चिंतामणि के अनुसार दोनों को छोड़ती है, जिसके अनुसार विवाह का मौसम सूर्य की छह राशियों तक है, और तुला उनमें नहीं है। उस पंचांग की तरह यह सूची भी वह पूरा दिन छोड़ती है जिसमें सूर्य इन छह राशियों में आता है या इनसे निकलता है; कड़ा मत हर संक्रांति के दोनों ओर 16 घटी भी बंद करता है।
विवाह मुहूर्त की तारीख़ें नवंबर-दिसंबर 2026: महीनेवार
हर तारीख़ के साथ नई दिल्ली के लिए मुहूर्त का समय (IST), उस समय के नक्षत्र और तिथि, और एक श्रेणी दी है। जिस दिन कड़ा मत समय छोटा करता है या दिन बंद करता है, उस कार्ड पर यह लिखा है; जहाँ कुछ नहीं लिखा, वहाँ दोनों मत एक हैं। एक बार में एक सूची देखने के लिए मत चुनें।
सूची का हर दिन नियमों के अनुसार शुद्ध है। "बहुत अच्छा", "अच्छा" और "सामान्य" शास्त्रीय बातों (जैसे नक्षत्र, वार, शुक्ल पक्ष) से बना मोटा क्रम है — कोई संभावना या गारंटी नहीं।
नवंबर 2026 4 दिन
कड़ा मत: इस महीने कोई मुहूर्त नहीं — प्रचलित मत के 4 दिन इसके नियमों से बंद हैं: सिंहस्थ गुरु (4 दिन), मंगलवार का नियम (1 दिन)।
शनिवार, 21 नवंबर
अच्छा
08:08–09:27
10:48–13:26
14:47–00:09 आधी रात के बाद 22 नवंबर तक
नक्षत्र: रेवती तिथि: शुक्ल द्वादशी
कड़ा मत: कोई मुहूर्त नहीं
सिंहस्थ गुरु — गुरु मघा नक्षत्र में (हर क्षेत्र में वर्जित) मुहूर्त चिंतामणि, शुभाशुभ प्रकरण, और धर्मसिंधु
मंगलवार, 24 नवंबर
अच्छा
23:26–06:51 25 नवंबर की सुबह तक
नक्षत्र: रोहिणी तिथि: कृष्ण प्रतिपदा
कड़ा मत: कोई मुहूर्त नहीं
मंगलवार — विवाह के लिए वर्जित वसिष्ठ (मुहूर्त चिंतामणि के विवाह प्रकरण में उद्धृत); बी.वी. रमन, मुहूर्त
सिंहस्थ गुरु — गुरु मघा नक्षत्र में (हर क्षेत्र में वर्जित) मुहूर्त चिंतामणि, शुभाशुभ प्रकरण, और धर्मसिंधु
बुधवार, 25 नवंबर
अच्छा
06:52–08:10
09:30–10:48
13:28–06:52 26 नवंबर की सुबह तक
नक्षत्र: रोहिणी, मृगशिरा तिथि: कृष्ण प्रतिपदा, कृष्ण द्वितीया
कड़ा मत: कोई मुहूर्त नहीं
सिंहस्थ गुरु — गुरु मघा नक्षत्र में (हर क्षेत्र में वर्जित) मुहूर्त चिंतामणि, शुभाशुभ प्रकरण, और धर्मसिंधु
गुरुवार, 26 नवंबर
अच्छा
08:12–09:30
10:50–13:27
14:47–17:47
नक्षत्र: मृगशिरा तिथि: कृष्ण द्वितीया, कृष्ण तृतीया
कड़ा मत: कोई मुहूर्त नहीं
सिंहस्थ गुरु — गुरु मघा नक्षत्र में (हर क्षेत्र में वर्जित) मुहूर्त चिंतामणि, शुभाशुभ प्रकरण, और धर्मसिंधु
दिसंबर 2026 7 दिन
कड़ा मत: इस महीने कोई मुहूर्त नहीं — प्रचलित मत के 7 दिन इसके नियमों से बंद हैं: सिंहस्थ गुरु (7 दिन)।
बुधवार, 2 दिसंबर
अच्छा
22:53–06:57 3 दिसंबर की सुबह तक
नक्षत्र: उत्तराफाल्गुनी तिथि: कृष्ण दशमी
कड़ा मत: कोई मुहूर्त नहीं
सिंहस्थ गुरु — गुरु मघा नक्षत्र में (हर क्षेत्र में वर्जित) मुहूर्त चिंतामणि, शुभाशुभ प्रकरण, और धर्मसिंधु
गुरुवार, 3 दिसंबर
अच्छा
08:16–09:34
23:05–06:58 4 दिसंबर की सुबह तक
नक्षत्र: उत्तराफाल्गुनी, हस्त तिथि: कृष्ण दशमी, कृष्ण एकादशी
कड़ा मत: कोई मुहूर्त नहीं
सिंहस्थ गुरु — गुरु मघा नक्षत्र में (हर क्षेत्र में वर्जित) मुहूर्त चिंतामणि, शुभाशुभ प्रकरण, और धर्मसिंधु
शुक्रवार, 4 दिसंबर
अच्छा
06:59–08:16
09:35–10:23
नक्षत्र: हस्त तिथि: कृष्ण एकादशी
कड़ा मत: कोई मुहूर्त नहीं
सिंहस्थ गुरु — गुरु मघा नक्षत्र में (हर क्षेत्र में वर्जित) मुहूर्त चिंतामणि, शुभाशुभ प्रकरण, और धर्मसिंधु
शनिवार, 5 दिसंबर
अच्छा
11:50–13:29
14:48–06:59 6 दिसंबर की सुबह तक
नक्षत्र: स्वाती तिथि: कृष्ण द्वादशी, कृष्ण त्रयोदशी
कड़ा मत: कोई मुहूर्त नहीं
सिंहस्थ गुरु — गुरु मघा नक्षत्र में (हर क्षेत्र में वर्जित) मुहूर्त चिंतामणि, शुभाशुभ प्रकरण, और धर्मसिंधु
रविवार, 6 दिसंबर
अच्छा
07:00–07:41
नक्षत्र: स्वाती तिथि: कृष्ण त्रयोदशी
कड़ा मत: कोई मुहूर्त नहीं
सिंहस्थ गुरु — गुरु मघा नक्षत्र में (हर क्षेत्र में वर्जित) मुहूर्त चिंतामणि, शुभाशुभ प्रकरण, और धर्मसिंधु
शुक्रवार, 11 दिसंबर
बहुत अच्छा
03:05–07:03 11/12 दिसंबर की रात
नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा तिथि: शुक्ल तृतीया
कड़ा मत: कोई मुहूर्त नहीं
सिंहस्थ गुरु — गुरु मघा नक्षत्र में (हर क्षेत्र में वर्जित) मुहूर्त चिंतामणि, शुभाशुभ प्रकरण, और धर्मसिंधु
शनिवार, 12 दिसंबर
अच्छा
08:22–09:39
10:57–13:32
नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा तिथि: शुक्ल तृतीया
कड़ा मत: कोई मुहूर्त नहीं
सिंहस्थ गुरु — गुरु मघा नक्षत्र में (हर क्षेत्र में वर्जित) मुहूर्त चिंतामणि, शुभाशुभ प्रकरण, और धर्मसिंधु
2026 में विवाह के बंद समय
ये अवधियाँ नई दिल्ली में विवाह रोकती हैं; ग्रहों की गणना से मिनट तक निकाली गई हैं (IST)। "दोनों मत" का मतलब है कि इस पेज की हर सूची इन्हें छोड़ती है; "कड़ा मत" का मतलब है कि केवल कड़ी सूची। जो अवधि इस सीमा से पहले शुरू हुई, वह अपनी असली शुरुआत से दिखाई गई है।
चातुर्मास दोनों मत
24 जुलाई 2026, 09:13 – 21 नवंबर 2026, 06:31
देवशयनी एकादशी से देवउठनी एकादशी तक (आषाढ़ शुक्ल एकादशी से कार्तिक शुक्ल एकादशी): किसी भी मत में विवाह नहीं (विवाह प्रकरण)।
सूर्य तुला में दोनों मत
17 अक्टूबर 2026, 19:51 – 16 नवंबर 2026, 19:43
मुहूर्त चिंतामणि के विवाह प्रकरण के अनुसार विवाह का मौसम नहीं: दोनों मतों में विवाह नहीं।
शुक्र बाल्य (उदय के बाद) कड़ा मत
29 अक्टूबर 2026, 09:39 – 5 नवंबर 2026, 09:39
ग्रह के दोबारा उदय होने के बाद के 7 दिन (बाल्य — धर्मसिंधु का मध्यम मत): केवल कड़ा मत।
सिंहस्थ गुरु: गुरु मघा या पूर्वाफाल्गुनी के पहले चरण में कड़ा मत
31 अक्टूबर 2026, 12:02 – 25 जनवरी 2027, 01:31
गुरु मघा या पूर्वाफाल्गुनी के पहले चरण में: कड़ा मत हर क्षेत्र में विवाह वर्जित मानता है, सूर्य के मेष में रहने के दिनों को छोड़कर (मुहूर्त चिंतामणि, शुभाशुभ प्रकरण, और धर्मसिंधु)।
खरमास (सूर्य धनु में) दोनों मत
16 दिसंबर 2026, 10:25 – 14 जनवरी 2027, 21:10
सूर्य धनु में विवाह के मौसम से बाहर है (मुहूर्त चिंतामणि, विवाह प्रकरण), इसलिए दोनों मतों में विवाह नहीं।
संक्रांति के घंटे (कड़ा मत)
कड़ा मत सूर्य के राशि में आने के पल के दोनों ओर 16 घटी (6 घंटे 24 मिनट) टालता है (बी.वी. रमन, मुहूर्त; कालप्रकाशिका की 30 घटी नहीं ली गईं)। इस अवधि की संक्रांतियाँ, नई दिल्ली के लिए, IST में:
वृश्चिक: सूर्य का प्रवेश 16 नवंबर 2026, 19:43; वर्जित 16 नवंबर 2026, 13:19 – 17 नवंबर 2026, 02:07
धनु: सूर्य का प्रवेश 16 दिसंबर 2026, 10:25; वर्जित 16 दिसंबर 2026, 04:01–16:49
नवंबर-दिसंबर 2026 में नई दिल्ली के लिए ये समय इन नक्षत्रों में पड़ते हैं: रोहिणी (2 दिन), मृगशिरा (2 दिन), उत्तराफाल्गुनी (2 दिन), हस्त (2 दिन), स्वाती (2 दिन), उत्तराषाढ़ा (2 दिन) और रेवती (1 दिन)।
संक्षेप में, विवाह के लिए: विवाह के ग्यारह नक्षत्रों में से एक, सूर्य विवाह के मौसम की किसी राशि में, और चातुर्मास, अधिक मास या अस्त नहीं (मुहूर्त चिंतामणि, विवाह प्रकरण); कोई रिक्ता तिथि और अमावस्या नहीं; भद्रा नहीं; कोई अशुभ योग नहीं; गंडांत के चरण और राहु काल, यमगंड और गुलिक हटाए गए; और कम से कम एक घटी (24 मिनट) का समय बचा रहे।
कड़ा मत क्या जोड़ता है
विवाह के लिए कड़ा मत ये नियम जोड़ता है: सिंहस्थ गुरु और मकर गुरु (क्षेत्र के अनुसार), शुक्र या गुरु के अस्त होने से पहले और उदय के बाद के 7-7 दिन, मंगलवार को विवाह नहीं, हर संक्रांति के दोनों ओर 16 घटी (6 घंटे 24 मिनट) और जिन क्षेत्रों में मुहूर्त चिंतामणि इसे मानता है, वहाँ होलाष्टक (ग्रंथ: मुहूर्त चिंतामणि और धर्मसिंधु; संक्रांति के घंटे: बी.वी. रमन, मुहूर्त) — हर एक का ब्योरा 2027 के विवाह मुहूर्त पेज पर है।
जो इन सूचियों में नहीं, वह आपके हाथ में
विवाह के लिए ये सूचियाँ कुछ बातें आप पर छोड़ती हैं: लग्न, आपका अपना तारा बल और चंद्र बल, ग्रहण के दिन जैसे बारीक नियम, और आपके परिवार की परंपराएँ; 2027 का विवाह मुहूर्त पेज इन्हें गिनाता है।
आपके शहर या आपकी अपनी तारीख़ों के लिए
नक्षत्र या तिथि हर जगह एक ही पल बदलते हैं, पर हर जगह का सूर्योदय, सूर्यास्त और राहु काल अपना होता है — इसलिए दूसरे शहर में समय कुछ मिनट आगे-पीछे होता है, और किसी बदलाव के पास वाला दिन जुड़ या हट सकता है। मुहूर्त खोजक आपके शहर और आपकी तारीख़ों के लिए विवाह की दोनों सूचियाँ निकालता है, एक बार में तीन महीने तक। किसी महीने से शुरू करें:
अपने जन्म नक्षत्र से निजी जाँच
सबके लिए बनी सूची आपके अपने नक्षत्र नहीं देख सकती। मुहूर्त चिंतामणि का गोचर प्रकरण दो निजी जाँचें जोड़ता है: तारा बल — उस दिन का नक्षत्र आपके जन्म नक्षत्र से गिना हुआ — और चंद्र बल — चंद्रमा की राशि आपकी जन्म चंद्र राशि से गिनी हुई। जो दिन आम तौर पर अच्छा है, वह आपके लिए कमज़ोर हो सकता है।
इस सूची की किसी तारीख़ के बारे में AI ज्योतिषी से पूछें। वह आपकी कुंडली से दोनों जाँचें करता है, आपकी कुंडली में सहेजी जगह के लिए उस दिन का समय पढ़ता है और अपने जवाब के पीछे का नियम बताता है। विवाह में वह आपकी तरफ़ की जाँच करता है; जीवनसाथी के जन्म विवरण अलग सवाल हैं।
किसी तारीख़ को अपनी कुंडली पर जाँचें
तारीख़ और काम लिखिए। अगली स्क्रीन पर साइन इन कीजिए और एक बार जन्म विवरण भरिए — सवाल आपकी चैट में तैयार मिलेगा।
नवंबर-दिसंबर 2026 में विवाह के कितने शुभ मुहूर्त हैं?
नई दिल्ली के लिए प्रचलित मत में 11 दिन और कड़े मत में एक भी नहीं। इस पेज पर हर तारीख़ के साथ उसका समय IST में दिया है।
देवउठनी एकादशी 2026 के बाद शादी के मुहूर्त कब से शुरू हैं?
चातुर्मास देवउठनी एकादशी (कार्तिक शुक्ल एकादशी) के साथ ख़त्म होता है, जो 20 नवंबर को है; उसकी तिथि 21 नवंबर 2026, 06:31 (IST) पर समाप्त होती है। प्रचलित मत में शादी का पहला दिन शनिवार, 21 नवंबर 2026 है और आख़िरी शनिवार, 12 दिसंबर 2026; 16 दिसंबर 2026, 10:25 (IST) पर सूर्य धनु में आता है और खरमास शुरू होता है।
क्या सिंहस्थ गुरु 2026 में विवाह मुहूर्त हैं?
प्रचलित मत में हाँ: कई छपे पंचांग यह नियम नहीं लगाते। कड़े मत में नहीं। गुरु 31 अक्टूबर 2026, 12:02 से 25 जनवरी 2027, 01:31 तक मघा या पूर्वाफाल्गुनी के पहले चरण में है — ग्रंथ इसे हर क्षेत्र में वर्जित मानते हैं (समय IST में)। इसके बाद कड़े मत में शादी का पहला दिन बुधवार, 27 जनवरी 2027 है।
क्या मंगलवार को विवाह हो सकता है?
कड़ा मत मंगलवार छोड़ता है: मुहूर्त चिंतामणि के विवाह प्रकरण में उद्धृत वसिष्ठ और बी.वी. रमन इसे टालते हैं। कई छपे पंचांग ऐसा नहीं करते, इसलिए नवंबर-दिसंबर 2026 में प्रचलित मत का 1 दिन मंगलवार है।
क्या विवाह की ये तारीख़ें मेरे शहर के लिए भी यही हैं?
ज़्यादातर हाँ, पर मिनट-मिनट नहीं। नक्षत्र या तिथि हर जगह एक ही पल बदलते हैं, जबकि सूर्योदय, सूर्यास्त और राहु काल हर शहर के अपने होते हैं — इसलिए दूसरे शहर में समय कुछ मिनट आगे-पीछे होता है, और जहाँ कोई बदलाव समय की सीमा के पास पड़े, वहाँ कोई दिन जुड़ या हट सकता है। कड़ा मत कुछ नियम क्षेत्र के हिसाब से भी पढ़ता है: सिंह का बाक़ी भाग, मकर गुरु और होलाष्टक। मुहूर्त खोजक आपके शहर के लिए दोनों मत निकालता है।
क्या सूची का हर दिन हर जोड़े के लिए ठीक है?
कोई सूची यह नहीं बता सकती: वह दिन को जाँचती है, आप दोनों को नहीं। पंडित जी समय के भीतर लग्न तय करते हैं, और वर-वधू दोनों का तारा बल व चंद्र बल उनके अपने जन्म नक्षत्र और चंद्र राशि पर टिका है। किसी तारीख़ को अपनी कुंडली पर जाँचने के लिए AI ज्योतिषी से पूछें।