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वाहन खरीद मुहूर्त 2027: तारीख़ें और समय

2027 में नई दिल्ली के लिए वाहन खरीद मुहूर्त के 114 दिन हैं। यह प्रचलित मत है, जिसमें नियम वैसे ही लगाए गए हैं जैसे कई छपे पंचांग लगाते हैं; ग्रंथों के कड़े मत में 112 दिन हैं। कड़ा मत इनमें से 2 दिन संक्रांति के घंटों के कारण छोड़ता है। वह 1 और दिन का समय भी छोटा करता है। सबसे ज़्यादा दिन अप्रैल (13) और जुलाई (12) में हैं; हर महीने कुछ दिन हैं। खरमास, चातुर्मास और सिंहस्थ गुरु किसी भी सूची में वाहन की खरीद नहीं रोकते।

प्रचलित मत
114 दिन (1 जनवरी – 31 दिसंबर)
कड़ा मत
112 दिन (1 जनवरी – 31 दिसंबर)
सबसे ज़्यादा दिन
अप्रैल (13), जुलाई (12) और जनवरी (11)
गुरु-पुष्य
18 मार्च; सूची के समय से बाहर: 18 फ़रवरी और 18 नवंबर; बंद: 15 अप्रैल (रिक्ता तिथि) और 16 दिसंबर (भद्रा और रिक्ता तिथि)
रवि-पुष्य
29 अगस्त और 26 सितंबर; बंद: 1 अगस्त (रिक्ता तिथि और भद्रा)
समय
IST, सूर्योदय से सूर्यास्त तक

नई दिल्ली (28.61° उ., 77.21° पू.) के लिए IST में, Swiss Ephemeris और लाहिड़ी अयनांश से गणना — किसी व्यक्ति विशेष के लिए नहीं। दूसरे शहरों में समय कुछ मिनट आगे-पीछे होता है। प्रचलित मत को एक प्रकाशित पंचांग की वाहन सूचियों से मिलाया गया है: गुड़गाँव के लिए सितंबर से दिसंबर 2026 तक, और नई दिल्ली का पूरा 2027। जहाँ दोनों में फ़र्क़ है, उसका नियम नीचे बताया गया है।

2027 की सभी 114 तारीख़ें एक नज़र में

प्रचलित मत की तारीख़ें महीनेवार, और कड़ा मत उनमें से क्या रखता है। हर तारीख़ का समय नीचे के कार्डों में है।

  • जनवरी: 1, 4, 10, 11, 15, 20, 22, 27, 28, 29 और 31 (11 दिन); कड़ा मत भी ये सब रखता है
  • फ़रवरी: 7, 8, 11, 12, 18, 19, 25, 26 और 28 (9 दिन); कड़ा मत भी ये सब रखता है
  • मार्च: 5, 10, 14, 15, 17, 18 और 24 (7 दिन); कड़ा मत 15 मार्च छोड़ता है
  • अप्रैल: 1, 2, 4, 7, 8, 11, 12, 14, 21, 23, 28, 29 और 30 (13 दिन); कड़ा मत भी ये सब रखता है
  • मई: 9, 10, 12, 17, 20, 21, 26, 27 और 31 (9 दिन); कड़ा मत भी ये सब रखता है
  • जून: 2, 7, 13, 14, 23, 24 और 25 (7 दिन); कड़ा मत भी ये सब रखता है
  • जुलाई: 2, 4, 5, 11, 12, 14, 19, 21, 25, 26, 29 और 30 (12 दिन); कड़ा मत भी ये सब रखता है
  • अगस्त: 2, 6, 8, 11, 18, 23, 25, 26 और 29 (9 दिन); कड़ा मत भी ये सब रखता है
  • सितंबर: 2, 3, 5, 12, 13, 17, 22, 26 और 30 (9 दिन); कड़ा मत 17 सितंबर छोड़ता है
  • अक्टूबर: 1, 4, 10, 11, 15, 20, 22 और 31 (8 दिन); कड़ा मत भी ये सब रखता है
  • नवंबर: 1, 8, 11, 15, 18, 19, 24, 25, 26 और 28 (10 दिन); कड़ा मत भी ये सब रखता है
  • दिसंबर: 3, 5, 9, 10, 13, 15, 22, 23, 30 और 31 (10 दिन); कड़ा मत भी ये सब रखता है

प्रचलित मत 2027 में 17 दिनों को "बहुत अच्छा" मानता है — साथ में सबसे अच्छे समय का नक्षत्र: सोमवार 11 जनवरी (धनिष्ठा); शुक्रवार 22 जनवरी (पुनर्वसु); सोमवार 8 फ़रवरी (शतभिषा); गुरुवार 18 फ़रवरी (पुनर्वसु); बुधवार 17 मार्च (पुनर्वसु); गुरुवार 18 मार्च (पुष्य); बुधवार 14 अप्रैल (पुनर्वसु); सोमवार 10 मई (पुनर्वसु); सोमवार 7 जून (पुनर्वसु); सोमवार 5 जुलाई (पुनर्वसु); सोमवार 12 जुलाई (स्वाती); सोमवार 13 सितंबर (श्रवण और धनिष्ठा); सोमवार 11 अक्टूबर (धनिष्ठा); सोमवार 8 नवंबर (शतभिषा); शुक्रवार 3 दिसंबर (श्रवण); गुरुवार 30 दिसंबर (श्रवण); शुक्रवार 31 दिसंबर (श्रवण)। आपके अपने नक्षत्र इनमें से किसी दिन को आपके लिए कमज़ोर बना सकते हैं (नीचे देखें)।

रविवार को: 10 और 31 जनवरी; 7 और 28 फ़रवरी; 14 मार्च; 4 और 11 अप्रैल; 9 मई; 13 जून; 4, 11 और 25 जुलाई; 8 और 29 अगस्त; 5, 12 और 26 सितंबर; 10 और 31 अक्टूबर; 28 नवंबर; 5 दिसंबर — कुल 114 दिनों में से 21।

खरीद के लिए खरमास एक परंपरा है, जो यहाँ नहीं लगाई गई; जो परिवार इसे मानता है, वह इनमें से 20 तारीख़ें छोड़ेगा: 1, 4, 10 और 11 जनवरी; 15, 17, 18 और 24 मार्च; 1, 2, 4, 7, 8, 11, 12 और 14 अप्रैल; 22, 23, 30 और 31 दिसंबर (15 मार्च को केवल खरमास वाले घंटे)।

अक्षय तृतीया (रविवार, 9 मई 2027) इस सूची में है: 05:35–09:03 (IST)।

धनतेरस (बुधवार, 27 अक्टूबर 2027) इस सूची में नहीं है: उस दिन के अपने नियम उसे बंद करते हैं।

दीवाली (29 अक्टूबर) इस सूची में नहीं है: लक्ष्मी पूजा अमावस्या को होती है, और ये सूचियाँ अमावस्या छोड़ती हैं।

पितृ पक्ष (16 सितंबर – 29 सितंबर 2027) में कई परिवार नई खरीद टालते हैं — यह परंपरा है, ग्रंथ का नियम नहीं, और यहाँ नहीं लगाई गई; इस सूची में इसकी 3 तारीख़ें हैं: 17, 22 और 26 सितंबर।

दो मत, दो सूचियाँ

छपे पंचांग और ग्रंथ हर नियम पर एक राय नहीं रखते, इसलिए यह पेज दो सूचियाँ देता है। प्रचलित मत नियमों को वैसे लगाता है, जैसे कई छपे पंचांग लगाते हैं। कड़ा मत उन्हीं समयों से शुरू करता है और ये नियम भी जोड़ता है: हर संक्रांति के दोनों ओर 16 घटी (6 घंटे 24 मिनट) और जिन क्षेत्रों में मुहूर्त चिंतामणि इसे मानता है, वहाँ होलाष्टक। कड़े मत का हर समय प्रचलित मत के किसी समय के भीतर ही होता है — यानी कड़ी सूची उसी सूची का छोटा रूप है, कोई अलग सूची नहीं।

जिन नियमों पर ये सूचियाँ चलती हैं, उनमें वाहन की खरीद के लिए कोई मौसम नहीं: सिंहस्थ गुरु, शुक्र-गुरु अस्त, खरमास और चातुर्मास विवाह और नए घर पर लगते हैं, खरीद पर नहीं। इसलिए यहाँ कड़ा मत केवल संक्रांति के घंटे (और जिन क्षेत्रों में ग्रंथ इसे मानता है, वहाँ होलाष्टक) जोड़ता है: वह प्रचलित मत के 2 दिन बंद करता है और 1 और दिन का समय छोटा करता है।

कौन-सी सूची मानें, यह परिवार का फ़ैसला है। आपका परिवार ग्रंथों को कड़ाई से मानता है तो कड़ा मत देखें; छपे पंचांग से चलता है तो प्रचलित मत। मुहूर्त की तारीख़ें अलग क्यों होती हैं में दो पंचांगों के अलग होने के बाक़ी कारण हैं।

जहाँ यह प्रचलित मत और जाँचा गया पंचांग अलग हैं, वहाँ उसके पीछे कोई नियम है। उस पंचांग की वाहन सूची शुक्ल प्रतिपदा, दोनों द्वितीया, दोनों सप्तमी और दोनों द्वादशी भी छोड़ती है, अश्विनी नक्षत्र कभी नहीं लेती और पितृ पक्ष छोड़ती है (यह परंपरा है); तिथियों में यह सूची केवल रिक्ता तिथियाँ और अमावस्या छोड़ती है, और अश्विनी को अच्छे नक्षत्रों में गिनती है। वह पंचांग भद्रा के वास का नियम लगाता है, रात भर के समय देता है और नक्षत्र गंडांत नहीं काटता; यह सूची भद्रा पूरी टालती है, केवल दिन के समय देती है और हर काम के लिए गंडांत काटती है।

वाहन खरीद की तारीख़ें 2027: महीनेवार

हर तारीख़ के साथ नई दिल्ली के लिए मुहूर्त का समय (IST), उस समय के नक्षत्र और तिथि, और एक श्रेणी दी है। जिस दिन कड़ा मत समय छोटा करता है या दिन बंद करता है, उस कार्ड पर यह लिखा है; जहाँ कुछ नहीं लिखा, वहाँ दोनों मत एक हैं। एक बार में एक सूची देखने के लिए मत चुनें।

सूची का हर दिन नियमों के अनुसार शुद्ध है। "बहुत अच्छा", "अच्छा" और "सामान्य" शास्त्रीय बातों (जैसे नक्षत्र, वार, शुक्ल पक्ष) से बना मोटा क्रम है — कोई संभावना या गारंटी नहीं।

मत चुनें

प्रचलित मत के दिन, और हर दिन पर कड़े मत का असर।

जनवरी 2027 11 दिन

  • शुक्रवार, 1 जनवरी

    अच्छा
    • 13:11–15:00
    • 16:18–17:29

    नक्षत्र: चित्रा तिथि: कृष्ण दशमी

  • सोमवार, 4 जनवरी

    अच्छा
    • 07:15–08:32
    • 09:51–11:08
    • 15:02–17:37

    नक्षत्र: अनुराधा तिथि: कृष्ण द्वादशी

  • रविवार, 10 जनवरी

    अच्छा
    • 07:15–12:28
    • 13:47–15:05

    नक्षत्र: श्रवण तिथि: शुक्ल तृतीया

  • सोमवार, 11 जनवरी

    बहुत अच्छा
    • 07:15–08:33

    नक्षत्र: धनिष्ठा तिथि: शुक्ल तृतीया

  • शुक्रवार, 15 जनवरी

    अच्छा
    • 07:15–08:33
    • 09:53–11:11
    • 12:31–14:13

    नक्षत्र: रेवती तिथि: शुक्ल सप्तमी

  • बुधवार, 20 जनवरी

    अच्छा
    • 07:14–08:33
    • 09:54–11:12
    • 13:52–16:17

    नक्षत्र: मृगशिरा तिथि: शुक्ल त्रयोदशी

  • शुक्रवार, 22 जनवरी

    बहुत अच्छा
    • 07:39–08:33
    • 09:54–10:25
    • 10:26–11:12 अच्छा

    नक्षत्र: पुनर्वसु, पुष्य तिथि: पूर्णिमा

  • बुधवार, 27 जनवरी

    अच्छा
    • 07:12–08:32
    • 09:53–11:13
    • 13:55–17:56

    नक्षत्र: हस्त तिथि: कृष्ण षष्ठी

  • गुरुवार, 28 जनवरी

    अच्छा
    • 15:53–16:58

    नक्षत्र: चित्रा तिथि: कृष्ण सप्तमी

  • शुक्रवार, 29 जनवरी

    अच्छा
    • 07:11–08:31
    • 09:53–11:13
    • 12:35–15:16

    नक्षत्र: स्वाती तिथि: कृष्ण अष्टमी

  • रविवार, 31 जनवरी

    सामान्य
    • 07:10–12:34
    • 13:56–15:17

    नक्षत्र: अनुराधा तिथि: कृष्ण दशमी

फ़रवरी 2027 9 दिन

  • रविवार, 7 फ़रवरी

    अच्छा
    • 07:06–12:35
    • 13:58–15:20

    नक्षत्र: धनिष्ठा तिथि: शुक्ल प्रतिपदा

  • सोमवार, 8 फ़रवरी

    बहुत अच्छा
    • 09:51–11:12
    • 12:36–13:58
    • 15:21–18:05

    नक्षत्र: शतभिषा तिथि: शुक्ल द्वितीया

  • गुरुवार, 11 फ़रवरी

    अच्छा
    • 08:26–09:49
    • 11:13–13:58
    • 15:22–18:08

    नक्षत्र: रेवती तिथि: शुक्ल पंचमी

  • शुक्रवार, 12 फ़रवरी

    अच्छा
    • 12:36–15:22
    • 16:46–18:09

    नक्षत्र: अश्विनी तिथि: शुक्ल षष्ठी

  • गुरुवार, 18 फ़रवरी

    बहुत अच्छा
    • 08:22–09:46
    • 11:11–13:59
    • 15:25–18:13

    नक्षत्र: पुनर्वसु तिथि: शुक्ल द्वादशी, शुक्ल त्रयोदशी

  • शुक्रवार, 19 फ़रवरी

    अच्छा
    • 06:57–08:20
    • 09:46–11:10

    नक्षत्र: पुष्य तिथि: शुक्ल त्रयोदशी

  • गुरुवार, 25 फ़रवरी

    अच्छा
    • 08:17–09:33
    • 11:09–14:00
    • 15:27–18:18

    नक्षत्र: चित्रा, स्वाती तिथि: कृष्ण पंचमी

  • शुक्रवार, 26 फ़रवरी

    अच्छा
    • 06:50–08:15
    • 09:42–10:13

    नक्षत्र: स्वाती तिथि: कृष्ण षष्ठी

  • रविवार, 28 फ़रवरी

    सामान्य
    • 06:48–12:33

    नक्षत्र: अनुराधा तिथि: कृष्ण अष्टमी

मार्च 2027 7 दिन

  • शुक्रवार, 5 मार्च

    अच्छा
    • 14:22–15:28
    • 16:56–18:23

    नक्षत्र: श्रवण तिथि: कृष्ण त्रयोदशी

  • बुधवार, 10 मार्च

    अच्छा
    • 14:01–18:26

    नक्षत्र: रेवती तिथि: शुक्ल द्वितीया, शुक्ल तृतीया

  • रविवार, 14 मार्च

    अच्छा
    • 10:24–12:30
    • 14:01–15:29

    नक्षत्र: रोहिणी तिथि: शुक्ल षष्ठी, शुक्ल सप्तमी

  • सोमवार, 15 मार्च

    अच्छा
    • 06:32–08:01
    • 09:31–10:51

    07:00 पर सूर्य मीन में आते हैं और खरमास शुरू होता है — खरीद में खरमास मानने वाले परिवार उससे पहले के घंटे लेते हैं (परंपरा)।

    नक्षत्र: रोहिणी, मृगशिरा तिथि: शुक्ल सप्तमी

    कड़ा मत: कोई मुहूर्त नहीं

    • संक्रांति — सूर्य 15 मार्च को 07:00 पर मीन में; इसके दोनों ओर 16 घटी (6 घंटे 24 मिनट) वर्जित बी.वी. रमन, मुहूर्त
  • बुधवार, 17 मार्च

    बहुत अच्छा
    • 06:46–07:59
    • 09:30–10:59
    • 14:01–18:30

    नक्षत्र: पुनर्वसु तिथि: शुक्ल दशमी

  • गुरुवार, 18 मार्च

    बहुत अच्छा
    • 08:12–09:28
    • 11:00–13:59

    नक्षत्र: पुष्य तिथि: शुक्ल एकादशी

  • बुधवार, 24 मार्च

    अच्छा
    • 06:21–07:52
    • 14:00–18:34

    नक्षत्र: चित्रा तिथि: कृष्ण द्वितीया, कृष्ण तृतीया

अप्रैल 2027 13 दिन

  • गुरुवार, 1 अप्रैल

    अच्छा
    • 10:52–11:33

    नक्षत्र: श्रवण तिथि: कृष्ण दशमी

  • शुक्रवार, 2 अप्रैल

    अच्छा
    • 06:11–07:44
    • 09:18–10:51
    • 12:26–15:32

    नक्षत्र: श्रवण, धनिष्ठा तिथि: कृष्ण एकादशी

  • रविवार, 4 अप्रैल

    अच्छा
    • 06:09–12:24
    • 13:59–15:32

    नक्षत्र: शतभिषा तिथि: कृष्ण त्रयोदशी

  • बुधवार, 7 अप्रैल

    अच्छा
    • 06:05–07:26

    नक्षत्र: रेवती तिथि: शुक्ल प्रतिपदा

  • गुरुवार, 8 अप्रैल

    अच्छा
    • 07:39–09:13
    • 10:49–13:58
    • 15:34–17:59

    नक्षत्र: अश्विनी तिथि: शुक्ल द्वितीया

  • रविवार, 11 अप्रैल

    अच्छा
    • 06:01–12:22
    • 13:59–15:33

    नक्षत्र: रोहिणी, मृगशिरा तिथि: शुक्ल पंचमी

  • सोमवार, 12 अप्रैल

    अच्छा
    • 06:00–07:35
    • 09:11–10:46
    • 12:23–13:34

    नक्षत्र: मृगशिरा तिथि: शुक्ल षष्ठी

  • बुधवार, 14 अप्रैल

    बहुत अच्छा
    • 05:58–07:33
    • 09:10–10:45
    • 13:58–15:24 अच्छा

    नक्षत्र: पुनर्वसु, पुष्य तिथि: शुक्ल अष्टमी

    कड़ा मत: समय कम — 05:58–07:33

    • संक्रांति — सूर्य 14 अप्रैल को 15:28 पर मेष में; इसके दोनों ओर 16 घटी (6 घंटे 24 मिनट) वर्जित बी.वी. रमन, मुहूर्त
  • बुधवार, 21 अप्रैल

    अच्छा
    • 05:50–07:27
    • 09:06–10:42
    • 13:58–18:50

    नक्षत्र: स्वाती तिथि: कृष्ण प्रतिपदा

  • शुक्रवार, 23 अप्रैल

    अच्छा
    • 14:14–15:35

    नक्षत्र: अनुराधा तिथि: कृष्ण तृतीया

  • बुधवार, 28 अप्रैल

    अच्छा
    • 17:31–18:54

    नक्षत्र: श्रवण तिथि: कृष्ण अष्टमी

  • गुरुवार, 29 अप्रैल

    अच्छा
    • 07:22–09:00
    • 10:40–13:57

    नक्षत्र: श्रवण तिथि: कृष्ण अष्टमी

  • शुक्रवार, 30 अप्रैल

    अच्छा
    • 17:17–18:55

    नक्षत्र: धनिष्ठा तिथि: कृष्ण दशमी

मई 2027 9 दिन

  • रविवार, 9 मई

    अच्छा
    • 05:35–09:03

    नक्षत्र: मृगशिरा तिथि: शुक्ल तृतीया

  • सोमवार, 10 मई

    बहुत अच्छा
    • 18:09–19:01

    नक्षत्र: पुनर्वसु तिथि: शुक्ल पंचमी

  • बुधवार, 12 मई

    अच्छा
    • 05:33–07:13
    • 08:56–10:36
    • 14:00–14:56

    नक्षत्र: पुष्य तिथि: शुक्ल सप्तमी

  • सोमवार, 17 मई

    अच्छा
    • 05:30–07:11
    • 08:54–10:35
    • 12:18–13:59

    नक्षत्र: हस्त, चित्रा तिथि: शुक्ल द्वादशी

  • गुरुवार, 20 मई

    अच्छा
    • 13:22–14:00
    • 15:43–16:29
    • 16:30–19:07

    नक्षत्र: अनुराधा तिथि: पूर्णिमा, कृष्ण प्रतिपदा

  • शुक्रवार, 21 मई

    अच्छा
    • 05:28–07:09
    • 08:53–10:35
    • 12:18–14:51

    नक्षत्र: अनुराधा तिथि: कृष्ण प्रतिपदा

  • बुधवार, 26 मई

    अच्छा
    • 05:26–07:08
    • 08:52–10:35
    • 14:02–19:11

    नक्षत्र: श्रवण तिथि: कृष्ण षष्ठी

  • गुरुवार, 27 मई

    अच्छा
    • 17:19–19:11

    नक्षत्र: धनिष्ठा तिथि: कृष्ण सप्तमी

  • सोमवार, 31 मई

    अच्छा
    • 12:36–14:02
    • 15:47–19:14

    नक्षत्र: रेवती तिथि: कृष्ण एकादशी

जून 2027 7 दिन

  • बुधवार, 2 जून

    अच्छा
    • 05:24–07:07
    • 08:52–10:35

    नक्षत्र: अश्विनी तिथि: कृष्ण द्वादशी, कृष्ण त्रयोदशी

  • सोमवार, 7 जून

    बहुत अच्छा
    • 05:23–07:07
    • 08:52–10:35
    • 12:21–14:04

    नक्षत्र: पुनर्वसु तिथि: शुक्ल तृतीया

  • रविवार, 13 जून

    अच्छा
    • 09:06–12:21
    • 14:06–15:50

    नक्षत्र: हस्त तिथि: शुक्ल दशमी

  • सोमवार, 14 जून

    अच्छा
    • 05:23–07:07

    नक्षत्र: चित्रा तिथि: शुक्ल एकादशी

  • बुधवार, 23 जून

    अच्छा
    • 15:44–19:22

    नक्षत्र: धनिष्ठा तिथि: कृष्ण पंचमी

  • गुरुवार, 24 जून

    अच्छा
    • 07:10–08:53
    • 10:39–14:08
    • 15:54–19:22

    नक्षत्र: धनिष्ठा, शतभिषा तिथि: कृष्ण पंचमी, कृष्ण षष्ठी

  • शुक्रवार, 25 जून

    अच्छा
    • 05:25–07:09
    • 08:55–10:38
    • 12:24–15:53

    नक्षत्र: शतभिषा तिथि: कृष्ण षष्ठी

जुलाई 2027 12 दिन

  • शुक्रवार, 2 जुलाई

    अच्छा
    • 05:27–07:11
    • 08:57–10:40
    • 12:26–15:23

    नक्षत्र: रोहिणी तिथि: कृष्ण त्रयोदशी

  • रविवार, 4 जुलाई

    अच्छा
    • 14:10–15:22

    नक्षत्र: पुनर्वसु तिथि: शुक्ल प्रतिपदा

  • सोमवार, 5 जुलाई

    बहुत अच्छा
    • 05:29–07:12
    • 09:20–10:41 अच्छा
    • 12:26–14:10 अच्छा

    नक्षत्र: पुनर्वसु, पुष्य तिथि: शुक्ल द्वितीया

  • रविवार, 11 जुलाई

    अच्छा
    • 05:31–11:50

    नक्षत्र: चित्रा तिथि: शुक्ल अष्टमी

  • सोमवार, 12 जुलाई

    बहुत अच्छा
    • 12:27–14:10
    • 15:55–19:22

    नक्षत्र: स्वाती तिथि: शुक्ल दशमी

  • बुधवार, 14 जुलाई

    अच्छा
    • 14:11–19:21

    नक्षत्र: अनुराधा तिथि: शुक्ल द्वादशी

  • सोमवार, 19 जुलाई

    अच्छा
    • 15:54–19:19

    नक्षत्र: श्रवण तिथि: कृष्ण प्रतिपदा

  • बुधवार, 21 जुलाई

    अच्छा
    • 05:37–07:18
    • 09:02–10:44
    • 14:11–15:35

    नक्षत्र: धनिष्ठा तिथि: कृष्ण तृतीया

  • रविवार, 25 जुलाई

    सामान्य
    • 05:39–09:53

    नक्षत्र: रेवती तिथि: कृष्ण षष्ठी

  • सोमवार, 26 जुलाई

    अच्छा
    • 12:28–14:09
    • 15:52–19:16

    नक्षत्र: अश्विनी तिथि: कृष्ण अष्टमी

  • गुरुवार, 29 जुलाई

    अच्छा
    • 07:35–09:03
    • 10:46–14:09
    • 15:52–19:14

    नक्षत्र: रोहिणी तिथि: कृष्ण एकादशी

  • शुक्रवार, 30 जुलाई

    अच्छा
    • 05:42–07:22
    • 09:05–10:14
    • 13:51–15:50

    नक्षत्र: मृगशिरा तिथि: कृष्ण द्वादशी

अगस्त 2027 9 दिन

  • सोमवार, 2 अगस्त

    अच्छा
    • 15:50–17:09

    नक्षत्र: पुष्य तिथि: शुक्ल प्रतिपदा

  • शुक्रवार, 6 अगस्त

    अच्छा
    • 09:06–10:46
    • 12:27–15:47
    • 17:29–19:08

    नक्षत्र: हस्त तिथि: शुक्ल पंचमी

  • रविवार, 8 अगस्त

    अच्छा
    • 06:02–12:26
    • 14:07–15:46

    नक्षत्र: स्वाती तिथि: शुक्ल सप्तमी

  • बुधवार, 11 अगस्त

    अच्छा
    • 05:48–07:27

    नक्षत्र: अनुराधा तिथि: शुक्ल दशमी

  • बुधवार, 18 अगस्त

    अच्छा
    • 05:52–07:29
    • 09:09–10:46
    • 14:04–18:58

    नक्षत्र: शतभिषा तिथि: कृष्ण प्रतिपदा, कृष्ण द्वितीया

  • सोमवार, 23 अगस्त

    अच्छा
    • 05:55–07:31
    • 09:09–10:46

    नक्षत्र: अश्विनी तिथि: कृष्ण षष्ठी

  • बुधवार, 25 अगस्त

    अच्छा
    • 14:01–18:51

    नक्षत्र: रोहिणी तिथि: कृष्ण अष्टमी

  • गुरुवार, 26 अगस्त

    अच्छा
    • 17:40–18:50

    नक्षत्र: मृगशिरा तिथि: कृष्ण दशमी

  • रविवार, 29 अगस्त

    अच्छा
    • 09:29–12:22
    • 13:59–15:34

    नक्षत्र: पुष्य तिथि: कृष्ण द्वादशी, कृष्ण त्रयोदशी

सितंबर 2027 9 दिन

  • गुरुवार, 2 सितंबर

    अच्छा
    • 17:37–18:42

    नक्षत्र: हस्त तिथि: शुक्ल तृतीया

  • शुक्रवार, 3 सितंबर

    अच्छा
    • 06:00–07:34
    • 09:11–10:45
    • 12:21–14:19

    नक्षत्र: हस्त तिथि: शुक्ल तृतीया

  • रविवार, 5 सितंबर

    अच्छा
    • 06:01–12:19
    • 13:55–14:30

    नक्षत्र: स्वाती तिथि: शुक्ल पंचमी, शुक्ल षष्ठी

  • रविवार, 12 सितंबर

    अच्छा
    • 06:05–06:43
    • 09:08–12:17
    • 13:51–15:23

    नक्षत्र: श्रवण तिथि: शुक्ल द्वादशी

  • सोमवार, 13 सितंबर

    बहुत अच्छा
    • 06:05–07:37
    • 09:11–10:43
    • 12:18–13:50

    नक्षत्र: श्रवण, धनिष्ठा तिथि: शुक्ल त्रयोदशी

  • शुक्रवार, 17 सितंबर

    अच्छा
    • 16:53–18:24

    नक्षत्र: रेवती तिथि: कृष्ण द्वितीया

    कड़ा मत: कोई मुहूर्त नहीं

    • संक्रांति — सूर्य 17 सितंबर को 14:10 पर कन्या में; इसके दोनों ओर 16 घटी (6 घंटे 24 मिनट) वर्जित बी.वी. रमन, मुहूर्त
  • बुधवार, 22 सितंबर

    अच्छा
    • 17:18–18:18

    नक्षत्र: रोहिणी, मृगशिरा तिथि: कृष्ण सप्तमी

  • रविवार, 26 सितंबर

    अच्छा
    • 06:12–12:12

    नक्षत्र: पुष्य तिथि: कृष्ण एकादशी

  • गुरुवार, 30 सितंबर

    अच्छा
    • 08:07–09:12
    • 10:42–13:40
    • 15:11–18:09

    नक्षत्र: हस्त तिथि: शुक्ल प्रतिपदा

अक्टूबर 2027 8 दिन

  • शुक्रवार, 1 अक्टूबर

    अच्छा
    • 06:14–07:42
    • 09:13–10:41
    • 12:11–15:09

    नक्षत्र: चित्रा तिथि: शुक्ल द्वितीया

  • सोमवार, 4 अक्टूबर

    अच्छा
    • 06:16–07:43
    • 09:13–10:41
    • 12:10–13:38

    नक्षत्र: अनुराधा तिथि: शुक्ल पंचमी

  • रविवार, 10 अक्टूबर

    अच्छा
    • 06:19–12:08
    • 13:36–14:54

    नक्षत्र: श्रवण, धनिष्ठा तिथि: शुक्ल दशमी, शुक्ल एकादशी

  • सोमवार, 11 अक्टूबर

    बहुत अच्छा
    • 15:03–15:46

    नक्षत्र: धनिष्ठा तिथि: शुक्ल द्वादशी

  • शुक्रवार, 15 अक्टूबर

    अच्छा
    • 07:08–07:47
    • 09:15–10:40
    • 12:07–14:59

    नक्षत्र: रेवती तिथि: पूर्णिमा

  • बुधवार, 20 अक्टूबर

    अच्छा
    • 06:25–07:05

    नक्षत्र: मृगशिरा तिथि: कृष्ण पंचमी

  • शुक्रवार, 22 अक्टूबर

    अच्छा
    • 06:26–07:50
    • 09:16–10:40
    • 12:06–14:55

    नक्षत्र: पुनर्वसु तिथि: कृष्ण सप्तमी, कृष्ण अष्टमी

  • रविवार, 31 अक्टूबर

    अच्छा
    • 09:32–12:04
    • 13:28–14:51

    नक्षत्र: अनुराधा तिथि: शुक्ल द्वितीया

नवंबर 2027 10 दिन

  • सोमवार, 1 नवंबर

    अच्छा
    • 06:33–07:55
    • 09:19–09:57

    नक्षत्र: अनुराधा तिथि: शुक्ल तृतीया

  • सोमवार, 8 नवंबर

    बहुत अच्छा
    • 06:38–07:59
    • 09:22–10:42
    • 12:05–13:26

    नक्षत्र: शतभिषा तिथि: शुक्ल दशमी

  • गुरुवार, 11 नवंबर

    अच्छा
    • 08:02–09:22
    • 10:44–13:26
    • 14:48–17:29

    नक्षत्र: रेवती तिथि: शुक्ल द्वादशी, शुक्ल त्रयोदशी

  • सोमवार, 15 नवंबर

    अच्छा
    • 07:07–08:03
    • 09:25–10:44
    • 12:06–13:26

    नक्षत्र: रोहिणी तिथि: कृष्ण प्रतिपदा, कृष्ण द्वितीया

  • गुरुवार, 18 नवंबर

    अच्छा
    • 08:06–09:25
    • 10:46–13:26
    • 14:47–17:26

    नक्षत्र: पुनर्वसु तिथि: कृष्ण पंचमी

  • शुक्रवार, 19 नवंबर

    अच्छा
    • 06:47–08:06
    • 09:27–10:46
    • 12:07–14:46

    नक्षत्र: पुष्य तिथि: कृष्ण षष्ठी

  • बुधवार, 24 नवंबर

    अच्छा
    • 06:51–08:09
    • 09:29–10:48
    • 13:27–17:24

    नक्षत्र: हस्त तिथि: कृष्ण एकादशी, कृष्ण द्वादशी

  • गुरुवार, 25 नवंबर

    अच्छा
    • 08:11–09:29
    • 10:49–13:27
    • 14:47–17:24

    नक्षत्र: चित्रा तिथि: कृष्ण द्वादशी, कृष्ण त्रयोदशी

  • शुक्रवार, 26 नवंबर

    अच्छा
    • 06:52–08:10

    नक्षत्र: स्वाती तिथि: कृष्ण त्रयोदशी

  • रविवार, 28 नवंबर

    अच्छा
    • 08:55–12:08
    • 13:28–14:46

    नक्षत्र: अनुराधा तिथि: शुक्ल प्रतिपदा

दिसंबर 2027 10 दिन

  • शुक्रवार, 3 दिसंबर

    बहुत अच्छा
    • 06:58–08:15
    • 09:34–10:52
    • 12:11–14:47

    नक्षत्र: श्रवण तिथि: शुक्ल पंचमी

  • रविवार, 5 दिसंबर

    अच्छा
    • 06:59–12:11
    • 13:30–14:47

    नक्षत्र: धनिष्ठा, शतभिषा तिथि: शुक्ल सप्तमी

  • गुरुवार, 9 दिसंबर

    अच्छा
    • 08:20–09:37

    नक्षत्र: रेवती तिथि: शुक्ल एकादशी

  • शुक्रवार, 10 दिसंबर

    अच्छा
    • 16:48–17:24

    नक्षत्र: अश्विनी तिथि: शुक्ल द्वादशी

  • सोमवार, 13 दिसंबर

    अच्छा
    • 12:16–13:32
    • 14:51–17:25

    नक्षत्र: रोहिणी, मृगशिरा तिथि: पूर्णिमा

  • बुधवार, 15 दिसंबर

    अच्छा
    • 13:34–17:26

    नक्षत्र: पुनर्वसु तिथि: कृष्ण द्वितीया, कृष्ण तृतीया

  • बुधवार, 22 दिसंबर

    अच्छा
    • 07:10–08:27
    • 09:45–11:02

    नक्षत्र: चित्रा तिथि: कृष्ण दशमी

  • गुरुवार, 23 दिसंबर

    अच्छा
    • 08:28–09:45
    • 11:03–13:37
    • 14:55–17:29

    नक्षत्र: स्वाती तिथि: कृष्ण एकादशी

  • गुरुवार, 30 दिसंबर

    बहुत अच्छा
    • 11:06–13:41
    • 14:59–17:34

    नक्षत्र: श्रवण तिथि: शुक्ल तृतीया

  • शुक्रवार, 31 दिसंबर

    बहुत अच्छा
    • 07:14–08:12

    नक्षत्र: श्रवण तिथि: शुक्ल तृतीया

2027 में खरमास, सिंहस्थ और संक्रांति के घंटे

इन सूचियों में वाहन की खरीद के लिए कोई मौसम बंद नहीं। केवल कड़ा मत नीचे दिए संक्रांति के घंटे टालता है। बाक़ी अवधियाँ उनकी तारीख़ों के साथ उन परिवारों के लिए दी हैं, जो इन्हें खरीद में भी मानते हैं।

संक्रांति के घंटे (कड़ा मत)

कड़ा मत सूर्य के राशि में आने के पल के दोनों ओर 16 घटी (6 घंटे 24 मिनट) टालता है (बी.वी. रमन, मुहूर्त; कालप्रकाशिका की 30 घटी नहीं ली गईं)। 2027 की संक्रांतियाँ, नई दिल्ली के लिए, IST में:

  • मकर: सूर्य का प्रवेश 14 जनवरी 2027, 21:10; वर्जित 14 जनवरी 2027, 14:46 – 15 जनवरी 2027, 03:34
  • कुंभ: सूर्य का प्रवेश 13 फ़रवरी 2027, 10:09; वर्जित 13 फ़रवरी 2027, 03:45–16:33
  • मीन: सूर्य का प्रवेश 15 मार्च 2027, 07:00; वर्जित 15 मार्च 2027, 00:36–13:24
  • मेष: सूर्य का प्रवेश 14 अप्रैल 2027, 15:28; वर्जित 14 अप्रैल 2027, 09:04–21:52
  • वृष: सूर्य का प्रवेश 15 मई 2027, 12:19; वर्जित 15 मई 2027, 05:55–18:43
  • मिथुन: सूर्य का प्रवेश 15 जून 2027, 18:55; वर्जित 15 जून 2027, 12:31 – 16 जून 2027, 01:19
  • कर्क: सूर्य का प्रवेश 17 जुलाई 2027, 05:48; वर्जित 16 जुलाई 2027, 23:24 – 17 जुलाई 2027, 12:12
  • सिंह: सूर्य का प्रवेश 17 अगस्त 2027, 14:13; वर्जित 17 अगस्त 2027, 07:49–20:37
  • कन्या: सूर्य का प्रवेश 17 सितंबर 2027, 14:10; वर्जित 17 सितंबर 2027, 07:46–20:34
  • तुला: सूर्य का प्रवेश 18 अक्टूबर 2027, 02:08; वर्जित 17 अक्टूबर 2027, 19:44 – 18 अक्टूबर 2027, 08:32
  • वृश्चिक: सूर्य का प्रवेश 17 नवंबर 2027, 01:58; वर्जित 16 नवंबर 2027, 19:34 – 17 नवंबर 2027, 08:22
  • धनु: सूर्य का प्रवेश 16 दिसंबर 2027, 16:38; वर्जित 16 दिसंबर 2027, 10:14–23:02

कोई भी सूची सिंहस्थ गुरु, शुक्र-गुरु अस्त, खरमास, चातुर्मास या होलाष्टक के कारण वाहन की खरीद नहीं रोकती। मुहूर्त चिंतामणि में जिन कामों को सिंहस्थ और अस्त से दूर रखा गया है, उनमें खरीद का नाम नहीं। होलाष्टक: मुहूर्त चिंतामणि (शुभाशुभ प्रकरण, शीघ्रबोध के हवाले से) इसे केवल ब्यास, रावी और सतलुज के क्षेत्र और पुष्कर में मानता है; उत्तर भारत में बहुत-से परिवार इसे परंपरा से मानते हैं, पर ये सूचियाँ नई दिल्ली में इसे नहीं लगातीं। अगर आपका परिवार इनमें से किसी में खरीद टालता है, तो ये तारीख़ें छोड़ दें (IST):

  • सिंहस्थ गुरु (गुरु मघा या पूर्वाफाल्गुनी के पहले चरण में): 31 अक्टूबर 2026, 12:02 – 25 जनवरी 2027, 01:31; 26 जून 2027, 05:18 – 15 सितंबर 2027, 09:56
  • सिंहस्थ गुरु (गुरु सिंह के बाक़ी भाग में): 15 सितंबर 2027, 09:56 – 26 नवंबर 2027, 18:45
  • शुक्र अस्त: 6 जुलाई 2027, 20:42 – 17 सितंबर 2027, 22:48
  • गुरु अस्त: 16 अगस्त 2027, 19:42 – 15 सितंबर 2027, 03:12
  • खरमास: 16 दिसंबर 2026, 10:25 – 14 जनवरी 2027, 21:10; 15 मार्च 2027, 07:00 – 14 अप्रैल 2027, 15:28; 16 दिसंबर 2027, 16:38 – 15 जनवरी 2028, 03:24
  • चातुर्मास: 13 जुलाई 2027, 12:09 – 10 नवंबर 2027, 09:11
  • होलाष्टक: 15 मार्च 2027, 10:51 – 22 मार्च 2027, 16:13

ये तारीख़ें कैसे चुनी गईं

  • चंद्रमा का नक्षत्र: चर नक्षत्र — पुनर्वसु, स्वाती, श्रवण, धनिष्ठा और शतभिषा — सबसे अच्छे (मुहूर्त चिंतामणि का नक्षत्र प्रकरण चर वर्ग को सवारी और वाहन के लिए बताता है); अश्विनी, रोहिणी, मृगशिरा, पुष्य, हस्त, चित्रा, अनुराधा और रेवती अच्छे — यह श्रेणी ग्रंथ के नक्षत्र वर्गों पर इस सूची की अपनी है; बाक़ी कोई नक्षत्र नहीं।
  • वार: मंगलवार या शनिवार कभी नहीं — यह परंपरा है, ग्रंथ का नियम नहीं।
  • केवल दिन का समय: सूर्योदय से सूर्यास्त तक। कोई मौसम नहीं: सिंहस्थ, अस्त, खरमास और चातुर्मास खरीद पर नहीं लगाए गए।
  • तिथि: कोई रिक्ता तिथि (किसी भी पक्ष की चतुर्थी, नवमी या चतुर्दशी) नहीं, और अमावस्या नहीं (बी.वी. रमन, मुहूर्त, हर शुभ आरंभ के लिए; मुहूर्त चिंतामणि इसे अपने विवाह प्रकरण में कहता है)।
  • भद्रा (विष्टि करण) नहीं: इसे पूरा टाला गया है। इसके वास और पुच्छ के बारीक नियम नहीं लगाए गए, इसलिए यह सूची उन पंचांगों से कड़ी है जो उन्हें लगाते हैं।
  • योग: व्यतिपात या वैधृति कभी नहीं; बाक़ी अशुभ योगों का केवल आरंभ का भाग हटाया गया — विष्कम्भ 5 घटी, अतिगण्ड 6 घटी, शूल 7 घटी, गण्ड 6 घटी, व्याघात 9 घटी, वज्र 9 घटी, परिघ का पहला आधा (एक घटी = 24 मिनट; जहाँ ग्रंथ अलग-अलग गिनती देते हैं, वहाँ बड़ी गिनती ली गई है — मुहूर्त चिंतामणि, शुभाशुभ प्रकरण)।
  • गंडांत: आश्लेषा, ज्येष्ठा और रेवती का अंतिम चरण और मघा, मूल और अश्विनी का पहला चरण हटाया गया (कालप्रकाशिका; मुहूर्त चिंतामणि इसे अपने विवाह प्रकरण में कहता है)।
  • राहु काल, यमगंड और गुलिक — वार के हिसाब से दिन के आठवें भाग — मुहूर्त के हर समय से हटाए गए (दक्षिण भारतीय परंपरा, कालप्रकाशिका)। कालप्रकाशिका ख़ुद गुलिक को अशुभ नहीं मानती; कई पंचांगों की तरह ये सूचियाँ उसे फिर भी हटाती हैं, इसलिए यहाँ ये थोड़ी कड़ी हैं।
  • हर समय में कम से कम एक घटी (24 मिनट) शुद्ध होनी चाहिए, और एक दिन में ज़्यादा से ज़्यादा तीन समय दिखाए गए हैं।
  • श्रेणी: "बहुत अच्छा", "अच्छा" और "सामान्य" नक्षत्र की श्रेणी, शुभ ग्रह का वार (सोमवार, बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार), शुक्ल पक्ष और गुरुवार (गुरु-पुष्य) या रविवार (रवि-पुष्य) का पुष्य से बना मोटा क्रम है — कोई संभावना नहीं।

कड़ा मत क्या जोड़ता है

  • हर संक्रांति के दोनों ओर 16 घटी (6 घंटे 24 मिनट) (बी.वी. रमन, मुहूर्त)।
  • होलाष्टक, फाल्गुन शुक्ल अष्टमी से पूर्णिमा तक: मुहूर्त चिंतामणि (शुभाशुभ प्रकरण, शीघ्रबोध के हवाले से) इसे केवल ब्यास, रावी और सतलुज के क्षेत्र और पुष्कर में मानता है; उत्तर भारत में बहुत-से परिवार इसे परंपरा से मानते हैं, पर ये सूचियाँ नई दिल्ली में इसे नहीं लगातीं।

जो इन सूचियों में नहीं, वह आपके हाथ में

  • उस पल का लग्न: काम के समय की लग्न राशि यहाँ नहीं चुनी गई।
  • आपकी अपनी बातें: तारा बल और चंद्र बल आपके जन्म नक्षत्र और चंद्र राशि पर टिके हैं। ये यहाँ नहीं जाँचे गए।
  • ग्रहण के दिन, क्षय और वृद्धि तिथियाँ, तिथि गंडांत, दग्ध और विष तिथि-वार के जोड़े, पंचक और चंद्र बल का वेध किसी भी मत में नहीं लगाए गए।
  • इस पेज पर बताए नियमों से आगे की पारिवारिक और स्थानीय परंपराएँ।

आपके शहर या आपकी अपनी तारीख़ों के लिए

नक्षत्र या तिथि हर जगह एक ही पल बदलते हैं, पर हर जगह का सूर्योदय, सूर्यास्त और राहु काल अपना होता है — इसलिए दूसरे शहर में समय कुछ मिनट आगे-पीछे होता है, और किसी बदलाव के पास वाला दिन जुड़ या हट सकता है। मुहूर्त खोजक आपके शहर और आपकी तारीख़ों के लिए वाहन खरीद की दोनों सूचियाँ निकालता है, एक बार में तीन महीने तक। किसी महीने से शुरू करें:

अपने जन्म नक्षत्र से निजी जाँच

सबके लिए बनी सूची आपके अपने नक्षत्र नहीं देख सकती। मुहूर्त चिंतामणि का गोचर प्रकरण दो निजी जाँचें जोड़ता है: तारा बल — उस दिन का नक्षत्र आपके जन्म नक्षत्र से गिना हुआ — और चंद्र बल — चंद्रमा की राशि आपकी जन्म चंद्र राशि से गिनी हुई। जो दिन आम तौर पर अच्छा है, वह आपके लिए कमज़ोर हो सकता है।

इस सूची की किसी तारीख़ के बारे में AI ज्योतिषी से पूछें। वह आपकी कुंडली से दोनों जाँचें करता है, आपकी कुंडली में सहेजी जगह के लिए उस दिन का समय पढ़ता है और अपने जवाब के पीछे का नियम बताता है।

किसी तारीख़ को अपनी कुंडली पर जाँचें

तारीख़ और काम लिखिए। अगली स्क्रीन पर साइन इन कीजिए और एक बार जन्म विवरण भरिए — सवाल आपकी चैट में तैयार मिलेगा।

नए खाते का पहला सवाल मुफ़्त है, और चैट में Send दबाने से पहले कोई शुल्क नहीं लगता।

मुहूर्त गाइड

इन सूचियों के पीछे के नियम, उनके स्रोतों के साथ:

लोग अक्सर पूछते हैं

2027 में वाहन खरीद के कितने शुभ मुहूर्त हैं?
नई दिल्ली के लिए प्रचलित मत में 114 दिन और कड़े मत में 112 दिन। सबसे ज़्यादा दिन अप्रैल (13) और जुलाई (12) में हैं। हर महीने कुछ दिन हैं। इस पेज पर हर तारीख़ के साथ उसका समय IST में दिया है।
वाहन खरीदने के लिए कौन-से नक्षत्र सबसे अच्छे हैं?
चर नक्षत्र — पुनर्वसु, स्वाती, श्रवण, धनिष्ठा और शतभिषा — सबसे अच्छे हैं: मुहूर्त चिंतामणि का नक्षत्र प्रकरण चर वर्ग को सवारी और वाहन के लिए बताता है। अश्विनी, रोहिणी, मृगशिरा, पुष्य, हस्त, चित्रा, अनुराधा और रेवती अच्छे हैं: यह श्रेणी ग्रंथ के नक्षत्र वर्गों पर इस सूची की अपनी है, ग्रंथ का नियम नहीं। बाक़ी नक्षत्र छोड़ दिए जाते हैं।
क्या मंगलवार या शनिवार को गाड़ी खरीदना ठीक नहीं?
ये सूचियाँ मंगलवार और शनिवार छोड़ती हैं, जैसे छपे पंचांग वाहन के लिए करते हैं: ये मंगल और शनि के दिन हैं। यह परंपरा है, उन ग्रंथों का नियम नहीं जिन पर ये सूचियाँ चलती हैं। सोमवार, बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार को ऊँची श्रेणी मिलती है।
क्या खरमास या सिंहस्थ गुरु में वाहन खरीद सकते हैं?
ये सूचियाँ उन्हें खरीद पर नहीं लगातीं। जिन नियमों पर ये चलती हैं, वे खरमास, चातुर्मास, सिंहस्थ गुरु और शुक्र-गुरु अस्त को विवाह, नए घर और दूसरे संस्कारों पर लगाते हैं, खरीद पर नहीं। अगर आपका परिवार खरमास में खरीद टालता है, तो ये दिन छोड़ दें: 16 दिसंबर 2026, 10:25 – 14 जनवरी 2027, 21:10; 15 मार्च 2027, 07:00 – 14 अप्रैल 2027, 15:28; 16 दिसंबर 2027, 16:38 – 15 जनवरी 2028, 03:24 (IST) — इस पेज पर 1, 4, 10 और 11 जनवरी; 15, 17, 18 और 24 मार्च; 1, 2, 4, 7, 8, 11, 12 और 14 अप्रैल; 22, 23, 30 और 31 दिसंबर।
2027 में वाहन खरीद के लिए गुरु-पुष्य और रवि-पुष्य कब हैं?
गुरु-पुष्य: 18 मार्च — दिन गुरुवार है और सूची के समय में चंद्रमा पुष्य में है। 18 फ़रवरी और 18 नवंबर को चंद्रमा सूची के समय के बाद ही पुष्य में आता है। 15 अप्रैल और 16 दिसंबर को भी चंद्रमा पुष्य में है, पर ये सूचियाँ उन्हें छोड़ती हैं: 15 अप्रैल रिक्ता तिथि के कारण; 16 दिसंबर भद्रा और रिक्ता तिथि के कारण। रवि-पुष्य: 29 अगस्त और 26 सितंबर — दिन रविवार है और सूची के समय में चंद्रमा पुष्य में है। 1 अगस्त को भी चंद्रमा पुष्य में है, पर ये सूचियाँ उसे रिक्ता तिथि और भद्रा के कारण छोड़ती हैं। ये सूचियाँ गुरुवार (गुरु-पुष्य) या रविवार (रवि-पुष्य) के पुष्य को ऊँची श्रेणी देती हैं; दिन के बाक़ी नियम फिर भी लागू रहते हैं।
क्या वाहन खरीद की ये तारीख़ें मेरे शहर के लिए भी यही हैं?
ज़्यादातर हाँ, पर मिनट-मिनट नहीं। नक्षत्र या तिथि हर जगह एक ही पल बदलते हैं, जबकि सूर्योदय, सूर्यास्त और राहु काल हर शहर के अपने होते हैं — इसलिए दूसरे शहर में समय कुछ मिनट आगे-पीछे होता है, और जहाँ कोई बदलाव समय की सीमा के पास पड़े, वहाँ कोई दिन जुड़ या हट सकता है। मुहूर्त खोजक आपके शहर के लिए दोनों मत निकालता है।